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गुस्साए कांग्रेसियों ने फूंका पीएम मोदी का पुतला, पुलिस के साथ हुई धक्का मुक्की

Mon, 13 May 2019 10:16 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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पीएम मोदी का पुतला फूंकने के दौरान पुलिस से भिड़े कांग्रेसी - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व पीएम राजीव गांधी पर टिप्पणी से गुस्साए कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का मुक्की हुई।

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पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति न होने की बात कहते कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। कांग्रेस ने राजीव गांधी के अपमान के खिलाफ सोमवार को पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन और पुतले फूंकने का कार्यक्रम दिया था। इस क्रम में कांग्रेस भवन में सुबह सभी कार्यकर्ता जमा हुए और फिर नारेबाजी करते हुए एस्ले हाल चौक तक पहुंच गए।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और सांसद प्रदीप टम्टा भी कार्यकर्ताओं के साथ एस्ले हॉल तक गए और पुतला दहन के कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की। इसके चलते दोनों पक्षों के बीच नोक-झोंक हुई। बाद में कार्यकर्ताओं ने पीएम के पुतले को आग के हवाले कर दिया।
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इससे पहले, मीडिया से बातचीत में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि देश के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले भारत रत्न राजीव गांधी के प्रति पीएम नरेंद्र मोदी ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया है, वह शर्मनाक है। इस तरह की भाषा शैली को स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस राजीव गांधी के अपमान के विरोध में किसी भी हद तक जा सकती है।

दूसरी तरफ, पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी इस मामले में पीएम पर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में इस बार भाषा की मर्यादा का कतई ध्यान नहीं रखा गया है। एक पीएम के स्तर से पूर्व पीएम के लिए इस तरह की टिप्पणी कतई स्वीकार्य योग्य नहीं है।

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भाई मुझे तो तुमने समझा ही नहीं, मोदी आए अब देख लो...

वहीं, आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मचारियों के बीच पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वहां मौजूद कई संगठनों को पुरानी बातें याद दिलाईं। उन्होंने कहा कि मैंने तो उपनल से लेकर अतिथि शिक्षकों तक सभी के लिए कुछ न कुछ किया था, लेकिन तुमने तो मुझे समझा ही नहीं। कहा था अब तो मोदी आएगा...अरे भाई आ गए मोदी क्या हुआ? आप सब अब सरकार के दरवाजे पर भटकने को मजबूर हो गए। 

हरीश रावत धरनास्थल पर अपने चिर परिचित अंदाज में तंज कसते दिखे। उन्होंने कहा कि आप लोगों (उपनल, अतिथि, गैरसैंण आंदोलन आदि) को मैंने उस वक्त भी समझाया था। जिन मोदी की आप बात कर रहे हो वो बड़े डॉक्टर हैं। बड़े डॉक्टर के पास अगर फोड़े की समस्या लेकर जाओगे तो वह उसमें चिरा लगा देगा। इससे गैंगरीन होने का भी खतरा है।

अब लो हो गया गैंगरीन। हरीश रावत यहीं नही रुके। उन्होंने एक-एक कर सभी संगठनों को पुरानी बातें याद कराईं और अपने प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब से नई सरकार आई है आपकी समस्या दूर करना तो दूर 20 आदमियों को भी नया रोजगार नहीं दे पाई है। हमने यह प्रदेश कंपनियों के लिए नहीं बनाया था अपने लिए हम सबके लिए बनाया था, लेकिन यह सरकार है कि हमें भूलकर एक कंपनी मात्र के लिए सोच रही है। 

क्यों गैरसैंण वालों...अब मोदी लोक में बनेगी राजधानी 
हरीश रावत ने गैरसैंण राजधानी निर्माण आंदोलनकारियों को कहा कि मैंने तो सचिवालय भी बनवा दिया था गैरसैंण में। अब बताओ वहां कुछ हुआ हो तो। उस समय तो आपको मैं धोखेबाज लगता था, लेकिन अब बताओ कितने बड़े कलाकार आ गए कि तुम्हारी तरफ देखा भी नहीं। अब तो राजधानी भी मोदी लोक में बनेगी क्यों भाईयों...।
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