फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले हरिद्वार के 16 टीचरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने पुलिस महानिदेशक एमए गणपति को इसके निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री का आरोप है कि इन टीचरों के खिलाफ विभाग की ओर से तहरीर दी गई थी। लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दबाव के चलते इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं हुए।
सोमवार को शिक्षा मंत्री ने विधानसभा कार्यालय सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक में कहा कि कोई भी टीचर स्कूल समय में मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेगा। यदि कोई टीचर मोबाइल का इस्तेमाल करता मिला तो संबंधित प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई होगी।
स्कूलों में अध्यापकों एवं अन्य स्टाफ के पास बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू और गुटके को भी प्रतिबंधित किया गया है। किसी टीचर व स्टाफ के पास यदि यह पाया गया तो प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई होगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों के लिए आगामी वर्ष से अंग्रेजी माध्यम की पाठ्य पुस्तकें छपवाने के लिए एनसीईआरटी से कापीराइट लेने को एनसीईआरटी को लिखा गया है।
शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कोई भी टीचर कुंजी, गाइड से नहीं पढ़ाएगा। इसे खरीदने के लिए छात्रों पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करवाने को कहा। उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा चंपावत को निर्देश दिए कि भोजन के लिए स्कूल की पांचवीं कक्षा में दाखिला लेने वाली छात्रा के अभिभावक से वार्ता कर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय टनकपुर में दाखिला कराया जाए।