डीएम रविनाथ रमन ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम और सिंचाई विभाग के आवासों पर अनाधिकृत रूप से रहने वाले कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, ऐसे व्यक्तियों से आवास खाली करने को भी कहा गया है।
शनिवार को देहरादून स्थित कैंप कार्यालय में डीएम ने कर्मचारियों के लिए आवंटित आवासों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आवंटित आवासों पर रिटायर, स्थानांतरित और उत्तर प्रदेश का विकल्प चुनने के बाद भी सरकारी आवासों में अवैधानिक रूप से रहने वालों को बख्शा न जाए।
रिश्तेदारों या किरायेदारों को सरकारी आवास देने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई के उन्होंने आदेश दिए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऐसे 273 आवास हैं, जो अनाधिकृत रूप से आवंटित हैं। इनमें कुछ जर्जर आवासों पर अनाधिकृत तरीके से कब्जा जमाए लोगों ने ताले लगा दिए हैं।
डीएम ने पुलिस को ताले तोड़ एफआईआर दर्ज करने को कहा। डीएम ने दोनों विभागों को जर्जर भवनों की सिविल इंजीनियर से जांच कराने व रिपोर्ट पर तुरंत जर्जर आवासों के ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए हैं। बैठक में एसएसपी डा. सदानंद दाते, एडीएम प्रताप शाह, जल विद्युत निगम के जीएम संजय मित्तल, महकार सिंह, पीएन राय आदि शामिल रहे।