शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गलत तरीके से दाखिला देने के मामलों में शिक्षा महानिदेशक ने एफआईआर कराने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि जितने समय भी बच्चे ने आरटीई के तहत शिक्षा ली होगी, उसका शुल्क भी अभिभावक या दाखिला देने वाले संबंधित शिक्षा अधिकारी से वसूला जाए।
खबर का असर
अमर उजाला ने आरटीई के तहत राजधानी दून के स्कूलों में दाखिलों के मामले प्रकाशित किए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की। एक मामले की जांच रिपोर्ट विभाग ने महानिदेशक को भेजी।
शिक्षा महानिदेशक डी सेंथिल पांडियन ने मामले को सही पाते हुए इसमें तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और अभिभावकों से पढ़ाई के दौरान का पूरा शुल्क वसूलने के आदेश दिए।
...तो अधिकारी भरेंगे रकम
उन्होंने कहा कि अगर अभिभावक पैसा नहीं देते हैं तो संबंधित अधिकारी से यह वसूली की जाएगी, जिन्होंने गलत तरीके से बिना जांचे परखे ये एडमिशन किए थे।