मंत्री जी जैसे ही फेसबुक लाइव पर आए, युवाओं ने सवालों की झड़ी लगी दी। जानिए क्या बोले...
विज्ञापन
‘मंत्री जी, आपकी सरकार के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य जी का कहना है कि सरकार के पास बजट नहीं है, सरकारी नौकरियां भूल जाओ? चुनाव में छह महीने में खाली पदों को भरने का वादा किया गया था, हमें रोजगार चाहिए, चुनावी वादा पूरा कीजिए।’
शनिवार को वित्त मंत्री प्रकाश पंत का फेस बुक पेज प्रदेश के पढ़े लिखे और प्रशिक्षित युवाओं के सुझावों से भर गया जिन्हें प्रचंड बहुमत की सरकार से रोजगार की प्रचंड उम्मीदें हैं। वित्त मंत्री ने सौरभ भट्ट नामक युवक के इस प्रश्न का उतने ही सधे अंदाज में जवाब दिया कि सरकार खाली पदों को भरने की दिशा में आगे बढ़ रही है और करीब 3500 पदों को पारदर्शी तरीके से भरने की प्रक्रिया आरंभ भी हो चुकी है।
विज्ञापन
Trending Videos
वित्त मंत्री ने फेसबुक लाइव के जरिये प्रदेश के लोगों से सुझाव किए थे आमंत्रित
prakash pant
मगर सभी खाली पदों को भरने के लिए सरकार कोई बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है, इसके संकेत उनकी ओर से नहीं दिए जा सके। हाथी बड़कला स्थित अपने सरकारी आवास पर वित्त मंत्री ने फेसबुक लाइव के जरिये प्रदेश के लोगों से सुझाव आमंत्रित किए थे। लेकिन बजट के बहाने उनके सामने सैकड़ों की संख्या में वे सवाल आ खड़े हुए जो उत्तराखंड राज्य गठन की अवधारणा से जुड़े थे।
मंत्री के गृह जनपद पिथौरागढ़ से लेकर पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल तक हर जगह से उनके फेस बुक पेज पर 2535 लोगों ने प्रश्न किए और सुझाव दिए, जिनके पंत ने आनलाइन उत्तर दिए। इस दौरान उनके इस पेज को 10 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा।
तेजी से पलायन हो रहा है, युवाओं के लिए नौकरियां कहां हैं?
facebook
ये उठे प्रश्न
-दिनेश पांडेय ने पूछा कि एनडी तिवारी की सरकार के बाद प्रदेश में उद्योग आने बंद हो गए। तेजी से पलायन हो रहा है, युवाओं के लिए नौकरियां कहां हैं?
-विकास डबराल ने लिखा कि उपनल के माध्यम से कनिष्ठ अभियंताओं की भरती हो रही है, बेरोजगार डिप्लोमाधारी भी उत्तराखंड के निवासी हैं, उन्हें भी अवसर दें, भर्ती आयोग से कराएं।
-सूरज उनियाल ने पूछा कि अधीनस्थ सेवाएं चयन आयोग ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की तो उद्यान विभाग ने इसे रद कर दिया, ऐसा क्यों हुआ?
-दिनेश जोशी ने लिखा उपनल वालों को 15 हजार 18 हजार और 21 हजार मासिक वेतन विभागीय बजट से दिलाया जाए।
-हरुन अंसारी ने लिखा,‘मंत्री जी आपकी सरकार से बेरोजगारों की बहुत उम्मीदें हैं। लेकिन भरतियां नहीं निकल रही हैं। बेरोजगार नाराज है।
-अंकित पांडेय ने पूछा कि आबकारी विभाग में भर्ती क्यों नहीं हो रही है।
फेसबुक लाइव पर लोगों ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने, अस्पतालों में डाक्टर भेजने और पलायन की समस्या से निपटने के लिए बजट में विशेष प्रावधान करने के सुझाव भी दिए।
मयंक उपाध्याय ने सरकारी स्कूलों में ब्लैक बोर्ड बदलवाने की मांग की। ईश्वर शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति सुधारी जाए। शशि प्रकाश यादव ने खुलासा किया कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में बजट की कमी के चलते वेतन नहीं मिल रहा। राजेंद्र प्रसाद कौशल ने बजट में फसलों को जंगली जानवरों से बचाने की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार नान प्लान का बजट घटाए और भ्रष्टाचार से सख्ती से निपटे।
बजट पर आम जनता से बहुत महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। प्रदेश के युवाओं को सरकार से काफी उम्मीदें हैं। सरकार उनकी आकांक्षाओं के प्रति बेहद संवेदनशील और गंभीर है और रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। जनता की अपेक्षा है कि स्कूलों में शिक्षक, अस्पतालों में डाक्टर हों, किसानों और आम जन की माली हालत में सुधार आए। आगामी बजट इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री।