उत्तराखंड के चौथे वित्त आयोग के चेयरमैन व प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसर टीएस पपोला नहीं रहे। उन्होंने सोमवार को दिल्ली में अपने निवास बसंत कुंज में अंतिम सांस ली। पपोला के निधन पर राज्यपाल डॉ.कृष्णकांत पाल, मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत तमाम महानुभवों ने शोक जताया है।
मूल रूप से बागेश्वर जनपद के निवासी पलोला काफी समय से बीमार चल रहे थे और अभी सरकार को आयोग की रिपोर्ट भी नहीं सौंप पाए थे। राज्य सरकार ने प्रो.पपोला को 24 फरवरी 2015 को राज्य वित्त आयोग के चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया था।
वे 1987 से 1995 तक केंद्रीय योजना आयोग में सलाहकार रहे। 1977 से 1987 तक वह लखनऊ स्थित गिरी इंस्टीट्यूट के निदेशक रहे। प्रो.पपोला 1996 से 2002 तक काठमांडू स्थित इंटरनेशल सेंटर फॉर इंटिग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) के भी प्रमुख रहे। पपोला ने 14 किताबें व छह दर्जन से अधिक रिसर्च पेपर व जर्नल भी लिखे।
उन्होंने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं आईएलओ, यूएनसीटीएडी(अंकटाड), यूएनआईडीओ(यूनिडो), यूएनआईसीईएफ (यूनिसेफ) और यूएनडीपी के विशेष कार्यों के तहत बांग्लादेश, इंडोनेशिया और फिलीपींस में भी विशेष योगदान दिया।
आयोग कार्यालय में शोक सभा
कालीदास मार्ग स्थित राज्य वित्त आयोग के कार्यालय में आयोजित शोक सभा में प्रो.पपोला को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान आयोग के सदस्य सचिव एलएम पंत, सदस्यगण सीएमएस बिष्ट व अविकल थपलियाल समेत कई कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।