राजधानी में बुधवार को एक बार फिर निजी बस आपरेटर और रोडवेज कर्मचारी आईएसबीटी में आमने-सामने आ गए।
धक्का-मुक्की और हंगामे के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आईएसबीटी पुलिस चौकी में तहरीर दे दी है। राज्य परिवहन प्र्राधिकरण (एसटीए) ने रोडवेज के सबसे कमाऊ रूट पर प्राइवेट बसों के संचालन के रास्ते खोल दिए हैं। हाल ही में तीन रूटों पर पांच-पांच परमिट जारी किए गए हैं।
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इसका रोडवेज कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को आईएसबीटी से सवारी भर रही एक प्राइवेट बस को रोडवेज कर्मचारियों ने खदेड़ दिया था। वहीं, बुधवार सुबह फिर से पांच प्राइवेट बसें आईएसबीटी के अंदर सवारी भरने लगीं।
इसकी सूचना जैसे ही रोडवेज कर्मचारियों को मिली वह वहां पहुंच गए और बसों का संचालन रोक दिया। लेकिन इस बार प्राइवेट बस संचालक भी बैकफुट पर आने को तैयार नहीं हुए।
दोनों ओर से धक्का-मुक्की होने लगी तो किसी ने आईएसबीटी चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। उधर, रोडवेज की ओर से उप महाप्रबंधक (संचालन) खुशीराम ने पुलिस को प्राइवेट बस संचालकों के खिलाफ तहरीर दी। कुछ समय बाद प्राइवेट बस संचालकों ने भी आईएसबीटी चौकी में तहरीर दी।
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रोडवेज कर्मियों ने कहा कि प्राइवेट बसों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर रोडवेज की ओर से भानू प्रताप, विवेक राणा, मनोज मिश्रा, संदीप कुमार, रमेश चंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।
होगा चक्का जाम
उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने प्राइवेट बसों को परमिट जारी करने की कार्रेवाई को विभाग को नुकसान पहुंचाने की साजिश करार दिया। इस संबंध में एक आपात बैठक बुधवार को मंडलीय प्रबंधक कार्यालय में हुई।
मोर्चे के संयोजक रामचंद्र रतूड़ी ने कहा कि अगर निजी बसों के परमिट निरस्त नहीं किए जाते हैं तो मोर्चा पूरे राज्य में चक्का जाम करेगा। बैठक में प्रेम सिंह रावत, हरेंद्र सिंह, केपी सिंह, दिनेश गोसाई, नवीन कुकरेती, उदयवीर, रमेश चंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
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