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गणेश महोत्सव में बवाल, कई लोग घायल

Mon, 08 Sep 2014 04:44 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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उत्तराखंड में हल्द्वानी के गांधीनगर में गणेश महोत्सव के दौरान बवाल हो गया। इस बवाल में कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
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बताया गया कि महोत्सव में हुआ बवाल एकाएक नहीं था, इसकी चिंगारी तीन दिन पहले से सुलग रही थी। इस मामले ने पुलिस लापरवाही की पोल भी खुल गई है। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता को देखते हुए पर्याप्त फोर्स नहीं लगाई थी।

उपद्रवियों को भागने का पर्याप्त मौका दिया गया। यही नहीं घटनास्थल पर पकड़े गए लोगों को भी पुलिस ने छोड़ कर अपनी कमजोरी का एहसास कराया। पता चला कि पुलिस के त्योहार रजिस्टर में पहले के बवालों का जिक्र तक नहीं है। अब कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधिकारी माहौल ठंडा होने का इंतजार कर रहे हैं।
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बजरंग दल के जिला संयोजक ललित वाल्मीकि के मुताबिक पांडाल में बैठने को लेकर बवाल से दो दिन पहले दूसरे पक्ष ने अश्वनी को पीटा। इसके बाद हरिकेश के पुत्र से विवाद हुआ था। तीसरे दिन पार्षद और गणेश महोत्सव के आयोजकों से बवाल हुआ था।

सभी मामलों की जानकारी पुलिस को थी। पुलिस यह भी जानती थी कि चुनाव के बाद एवं उससे पहले से वाल्मीकि और सोनकर समुदाय के बीच तनाव है। इंतजार बस एक चिंगारी का था। बवाल के दिन पार्षद ने खुद को अपमानित समझा और दोनों पक्षों के बीच नफरत की आग भड़क उठी।

पुलिस अधिकारियों ने भी पूजास्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे। इसी कारण उपद्रवियों को हमला करने का पर्याप्त मौका मिला। निर्दोष लोग इस घटना में घायल हुए। अब पुलिस अधिकारी भी प्रतिमा स्थल से लेकर विसर्जन तक की तैयारी का सुरक्षा प्लान तैयार करने लगे हैं।

सीओ जीसी टम्टा ने स्वीकार किया कि त्योहार रजिस्टर में पहले की घटनाओं का जिक्र नहीं है। पूजा की अनुमति देते समय आयोजक और स्थलों का भी पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।

गांधीनगर में फिर फायरिंग, पथराव

हल्द्वानी के गांधीनगर में रविवार रात उपद्रवियों ने फिर फायरिंग की। पुलिस के पीछा करने पर उपद्रवी पथराव करते हुए फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी और कोतवाल ने फोर्स के साथ गलियों के चक्कर लगाए, लेकिन उपद्रवियों को पकड़ने में पुलिस विफल रही। लोगों का कहना है कि उपद्रवियों के जेहन में अब वर्दी का खौफ नहीं रह गया है, जिस कारण वह मौका पाते ही उपद्रव पर उतारू हो रहे हैं।

वहीं, तनाव को देखते हुए मौके पर सीओ जीसी टम्टा खुद डेरा डाले हुए हैं। सीओ का कहना है कि अब कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की जाएगी। गांधीनगर में रविवार रात नौ बजे पुलिस और पीएसी के जवान सुरक्षा ड्यूटी में लगे थे। इस बीच एक गली से उपद्रवियों ने अपने-अपने घरों की बत्ती बुझाकर फायरिंग शुरू कर दी।

गोलियों की आवाज सुनते ही पुलिस के सशस्त्र जवान घटनास्थल की तरफ दौड़े। इस बीच उपद्रवी पथराव करने लगे। पुलिस के जवान गली में अंधेरा होने के कारण सड़क पर ही रुक गए। हालांकि, पथराव और फायरिंग के दौरान कोई घायल नहीं हुआ।

वहीं, घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी पंकज भट्ट, सीओ जीसी टम्टा, कोतवाल कुलदीप सिंह असवाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कोतवाल ने गलियों में घूमकर लाइट जलवाई। इसके बाद कोतवाल ने ऐलान किया कि जिन घरों में तलाशी के दौरान पत्थर मिले, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में गांधीनगर के लोगों का आपराधिक इतिहास खंगाला गया है।बता दें कि शुक्रवार रात गणेश महोत्सव के दौरान फायरिंग और पथराव के चलते एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।

घटना के बाद एक पक्ष ने कोतवाली का घेराव किया। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर पार्षद सुमित कुमार समेत 17 लोगों के खिलाफ बलवा, फायरिंग और आगजनी का मुकदमा दर्ज किया है। इसके बावजूद पुलिस उपद्रवियों पर लगाम नहीं लगा पा रही है।
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बदमाशों ने की पुलिस पर फायरिंग

यूपी से लूटपाट करने आ रहे एक वांछित समेत छह बदमाशों ने गदरपुर (ऊधमसिंह नगर) में पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान हाथ पर गोली और सीने में छर्रे लगने से एक कांस्टेबल घायल हो गया। गदरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

समाचार लिखे जाने तक पुलिस आसपास के थानों को अलर्ट कर बदमाशों को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। हरिपुरा गांव में 31 मार्च को गुरादित्ता कांबोज के परिवार को बंधक बनाकर छह बदमाशों ने करीब 25 हजार नकद और 8 तोले के जेवर लूट लिए थे।

इस मामले में अहमद हसन उर्फ कुबड़ा निवासी नरपत नगर थाना स्वार (रामपुर) वांछित था। रविवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुबड़ा अपने पांच साथियों के साथ दिनेशपुर में लूटपाट करने आ रहा है। मुखबिर बदमाशों की नीले रंग की स्कार्पियो कार का पीछा कर रहा था और पुलिस को लोकेशन दे रहा था।

पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से बदमाशों को पकड़ने के लिए सकैनिया चौकी के बाहर आड़ी-तिरछी ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी कर रास्ता रोक दिया। इससे पहले मसीत लिंक मार्ग पर दो वाहनों में पुलिस की टीम बदमाशों के आने का इंतजार करने लगी। सकैनिया चौकी के निकट पुलिस को खड़ा देख बदमाश अपनी कार बैक कर लौट गए।

इस पर दो वाहनों में सवार पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी जिसमें कांस्टेबल महेश रोंखली घायल हो गया। उसके हाथ पर गोली और सीने पर छर्रे लगे हैं। पुलिस पर फायरिंग के बाद बदमाश सीमावर्ती रामपुर जिले की ओर भागे हैं।
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