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उक्रांद: मान्यता मिली पर खत्म नहीं हुआ 'किस्सा कुर्सी का'

Thu, 21 Jan 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड क्रांति दल में कुर्सी का किस्सा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दो गुटों में कुर्सी को लेकर जारी खींचतान चुनाव आयोग की दखल के बाद भी हल होती नहीं दिख रही है।
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एक दिन पहले पुष्पेश त्रिपाठी ने पत्रकार वार्ता कर कुर्सी चुनाव चिह्न मिलने का दावा किया। बृहस्पतिवार को दूसरे गुट ने गलत तथ्य देने का आरोप लगाते हुए कुर्सी चुनाव चिह्न को सीज रखने की मांग की है।

केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजे पत्र में त्रिवेंद्र सिंह पंवार गुट के लताफत हुसैन ने बताया कि पुष्पेश त्रिपाठी और काशी सिंह ऐरी को पहले ही संगठन से बाहर निकाला जा चुका है। जब वह दल के सदस्य ही नहीं हैं तो पदाधिकारी कैसे हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया जा सकता।
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कोर्ट का फैसला आने तक चुनाव चिह्न सीज रखने की मांग

उन्होंने कहा कि इस संबंध में मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए न्यायालय का फैसला आने तक कुर्सी चुनाव चिन्ह को सीज रखा जाना चाहिए। ऐसा ना होने पर उन्होंने कोर्ट में जाने की चेतावनी दी है।

कार्यकर्ताओं ने जताई खुशी
उत्तराखंड क्रांति दल को क्षेत्रीय दल की मान्यता और कुर्सी चुनाव चिह्न मिलने पर पुष्पेश त्रिपाठी गुट के कार्यकर्ताओं ने हर्ष जताया। जाखन में कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। इस अवसर पर जयप्रकाश उपाध्याय, गोविंद, अमरदीप, संजय खंडूरी, विकास खरोला, शिवम थपलियाल, अंकित, सौरभ, विकास, आदित्य, शुभम, मनीष, गोविंद, धीरेंद्र, विजय, राजेश्वर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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