उत्तराखंड में गढ़वाल मंडल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में देर रात दो गुटों में हुई मारपीट की घटना से मंगलवार को खूब बवाल मच गया।
घटना से गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई और उन्होंने बाजार में तोड़फोड़ शुरू कर दी, देखते ही देखते बाजार बंद हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। तोड़फोड़ करने वालों पर जमकर लाठीचार्ज किया गया। जिससे कई लोगों को चोटें आई हैं।
इसके बाद भी मामला शांत न होता देख, पुलिस को तीन बार लाठीचार्ज करना पड़ा। भीड़ मारपीट के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी। दोपहर तक जिलाधिकारी, एसपी और गढ़वाल आईजी कोटद्वार पहुंच गए थे। शहर में तनात को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। पांच कंपनी पीएसी अलग से तैनात कर दी गई है।
सोमवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे लकड़ीपड़ाव में एक ट्रैक्टर-ट्राली की सड़क पर एक दुकान के सामने रखे पत्थरों की दीवार पर टक्कर लग गई। जिससे ट्रैक्टर चालक और दुकानदार में विवाद हो गया। दुकानदार और उसके साथियों ने ट्रैक्टर चालक राजपाल के साथ मारपीट की।
सूचना मिलते ही राजपाल को बचाने के लिए उसके भाई और पड़ोसी पहुंचे तो फिर से मौके पर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि दुकानदार और उसके साथ के पांच छह लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। वे किसी तरह जान बचाकर भागे। घटना में राजपाल, धर्मपाल, हेमराज उर्फ बंटी और सूरजपाल घायल हो गए।
कई लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज
घायलों को लोगों ने कोटद्वार के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। राजपाल को यहां से देहरादून सीएमआई में रेफर कर दिया। घायल धर्मपाल की ओर से तीन लोगों को नामजद करते हुए छह-सात लोगों के खिलाफ थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने नामजद तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पुलिस पर इस मामले में देर से एफआईआर दर्ज करने और हमलावरों को बचाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में हंगामा काटा।
मंगलवार सुबह अन्य संगठनों से जुड़े लोग भी थाने में जमा हो गए। उन्होंने घटना के विरोध में बाजार बंद कराया और समुदाय विशेष से जुड़े लोगों की सब्जी और फलों की ठेलियां पलट दी और दुकानों में भी तोड़फोड़ का प्रयास किया।
तोड़फोड़ रोकने के लिए प्रशासन ने भीड़ पर लाठीचार्ज करवा दिया। जिसमें कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही डीएम चंद्रशेखर भट्ट, एसपी अजय जोशी शहर में पहुंच गए। देहरादून से आईजी गढ़वाल संजय गुंज्याल ने पहले एसपी सिटी हरिद्वार नवनीत भुल्लर को कोटद्वार भेजा, बाद में बज्र वाहन के साथ उन्होंने भी कोटद्वार में डेरा जमा दिया है।
सीएम ने जताया खेद, भाजपा हुई हमलावर
कोटद्वार में दो पक्षों के बीच हुआ झगड़ा खेदजनक है। दो व्यक्तियों के झगड़े को सांप्रदायिक रूप कतई नहीं लेने दिया जाएगा। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, मैं स्वयं पुलिस अफसरों से निरंतर संपर्क में हूं और मामले पर पूरी नजर है। कोटद्वार सहित पूरे उत्तराखंड में सद्भाव की परंपरा रही है, इसे कायम रखा जाएगा।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
पुलिस-प्रशासन के निकम्मेपन की वजह से यह सब हुआ। हमलावरों को पहले ही गिरफ्तार कर लेते तो यह नौबत नहीं आती। जनता ने कोटद्वार बंद कर दिया तो सीएम हमे कटघरे में खड़ा कर रहे हैं और बयानबाजी कर खुद ही माहौल बिगाड़ रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा चैन से नहीं बैठेगी।
-तीरथ सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड