काठगोदाम एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार न होने देने के विरोध में गोरखा रेजीमेंट के जवानों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।
आरोप है कि गुस्साए जवानों ने पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी। बुधवार देर रात आरोपी दो जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बृहस्पतिवार को दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद सेना के सुपुर्द कर दिया।
बुधवार देर रात देहरादून से पहुंची काठगोदाम एक्सप्रेस प्लेटफार्म-दो पर रुकी। उसी दौरान गोरखा रेजीमेंट, रानीखेत अल्मोड़ा के 18 जवानों की टोली जबरन एस-टू एसी कोच में चढ़ने लगी।
दो जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, गिरफ्तार
यात्रियों ने इसकी सूचना पुलिसकर्मी वीरेंद्र कुमार और रामकुमार को दी। दोनों ने टोली को रोकने का प्रयास किया। लेकिन जवान मानें नहीं।
आरोप है जवान पुलिसकर्मियों से उलझ गए और मारपीट शुरू कर दी।
सूचना पर एसओ जीआरपी नवीन चंद्र जुराल, आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और आरोपी जवान आक्रोश (पुत्र अरुण कैसी निवासी बाकी गढ़वा ढांग रॉप्ती आंचल नेपाल) एवं विक्रम (पुत्र अमर घिमौरे निवासी जेमरुख बेनी मेंगदी धोलागिरि, नेपाल) को गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि देर रात कांस्टेबल की तरफ से दो जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार जवानों और पीड़ित पुलिसवालों के बयान दर्ज
बृहस्पतिवार सुबह रायवाला और रुड़की से सेना पुलिस के अधिकारी गिरफ्तार जवानों और पीड़ित पुलिसवालों के बयान दर्ज करने रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने पहुंची।
पुलिस अधिकारियों ने सेना पुलिस को बताया कि झगड़े की पहले सेना के एक अधिकारी ने की थी। उसके बाद जवान पुलिसकर्मियों पर टूट पडे़।
बयान दर्ज करने के बाद सेना पुलिस के अधिकारी रोशनाबाद पहुंचे। यहां पुलिस ने गिरफ्तार जवानों को जिला न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों को कार्रवाई के बाद कोर्ट की ओर से सेना के सुपुर्द कर दिया।