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इस किशोर ने लिखा 86 पन्नों का नोवेल, नाम दिया 'ऐलान-ए-जंग'

Sat, 12 Aug 2017 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा
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क्षितिज भट्ट
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इंटर तक के बिरले ही छात्र मिलेंगे, जो मुंशी प्रेमचंद, हरिवंश राय बच्चन, सच्चिदानंद हीरानंद वात्सायन अज्ञेय, नमन जोशी जैसे नामचीन साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ चुके हों। विवेकानंद इंटर कॉलेज अल्मोड़ा के 15 वर्षीय मेधावी छात्र क्षितिज भट्ट ने न केवल इन बड़े साहित्यकारों के साहित्य को गहराई से पढ़ा है, बल्कि उसने 86 पृष्ठों का उपन्यास ‘ऐलान-ए-जंग’ लिखकर साहित्यिक प्रतिभा का परिचय भी दिया है। 
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विद्यालय के भारी बस्ते और होमवर्क के कारण जहां बच्चों के पास खेलने का समय तक नहीं हैं, वहीं क्षितिज ने बड़े लेखकों की तरह शब्दों को पिरोते हुए खाली समय में उपन्यास लिखकर चकित कर दिया है। उपन्यास ड्रग्स रैकेट और उसे मिलते राजनीतिक संरक्षण के खिलाफ तीन अफसर और एक पत्रकार की लड़ाई की कहानी है।

इसमें संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के आश्रय से समाज में पैर पसार रहे नशा और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार का चित्रण रोचक ढंग से किया गया है। संदेश है कि ऐसे लोग अपने तुच्छ स्वार्थ के लिए देश और देश के लोगों की जिंदगी का सौदा करने में भी नहीं हिचकते हैं। इनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को ये परेशान करते हैं। लेखक ने उपन्यास में वर्तमान सामाजिक तथा राजनीतिक व्यवस्था पर भी कटाक्ष किया है।  
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क्षितिज ने बताया कि पुस्तकें पढ़ने की प्रेरणा उसे अपने पिता (एलआईसी अभिकर्ता) विपिन चंद्र भट्ट से मिली। स्कूल से छुट्टी के बाद खाली समय में वह लेखन कार्य करते हैं। ऐलान- ए-जंग उनकी पहली पुस्तक है। क्षितिज भट्ट भारतीय प्रशासनिक सेवा में अधिकारी बनना चाहते हैं।

जिले के लमगड़ा विकासखंड के गणाऊं (जैंती) निवासी विपिन चंद्र भट्ट और हेमा भट्ट के पुत्र क्षितिज भट्ट (विक्रमादित्य) विवेकानंद इंटर कालेज अल्मोड़ा में 12वीं के छात्र हैं। पिछले साल उत्तराखंड हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा की वरीयता सूची में उन्होंने 23वीं रैंक प्राप्त की थी। तब उन्हें विज्ञान में 100 में से 100 अंक मिले थे। 
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