इस बीच यह हादसा हो गया। बड़े भाई का शव घर पहुंचने पर उनकी छोटी बहन सुनीता और छोटे भाई नरेंद्र सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। मनमोहन के चाचा रमेश भंडारी ने बताया कि मनमोहन के चार भाई व बहन हैं। दोनों बहनों कुसुम और सुनीता की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई नरेंद्र सिंह दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। मनमोहन के पिता भगत सिंह भंडारी भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। वह इन दिनों दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं। मनमोहन के चाचा ने बताया कि परिजन उनकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे। उन्हें भी लड़की देखने घर आना था।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
मनमोहन का शव रविवार सुबह कालों गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। कालों, वज्वाड, माथोली व पाबौ आदि क्षेत्रों से उसकी अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। लैंसडौन से आए सेना के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
रेलवे की लापरवाही है तो हो कार्रवाई
ग्राम प्रधान कालो सुनीला देवी व मनमोहन के चाचा रमेश भंडारी ने कहा कि इस घटना में यदि रेलवे विभाग की लापरवाही सामने आती है तो विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाए।