फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शादी के लिए लड़की देखने घर आने वाला था फौजी, इससे पहले ही तिरंगे में लिपटा पहुंचा शव

Sun, 24 Jun 2018 08:01 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, पाबौ
विज्ञापन
मनमोहन सिंह भंडारी
विज्ञापन

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में विकासखंड पाबौ के कालों गांव निवासी एवं 11 गोरखा राइफल्स में तैनात 24 वर्षीय मनमोहन सिंह भंडारी की परिजन जल्द शादी करना चाहते थे। उन्हें शादी के लिए लड़की को देखने आना था, लेकिन रविवार को उनका तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचा।

विज्ञापन


उनके चाचा रमेश भंडारी ने कहा कि शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। सैनिक को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। कालो घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मनमोहन सिंह की शुक्रवार को इज्जतनगर रेलवे वर्कशॉप के पास काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस से गिरकर मौत हो गई थी।  

मनमोहन के चाचा रमेश भंडारी के मुताबिक मनमोहन राजकीय इंटरमीडिएट कालेज कालों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में भर्ती हो गया था। इन दिनों उनकी रेजीमेंट देहरादून में है। उन्हें करीब दस दिन पहले ही देहरादून से बरेली भेजा गया। बताया गया है कि वह विभागीय कार्य से दून लौट रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

मनमोहन सिंह भंडारी
इस बीच यह हादसा हो गया। बड़े भाई का शव घर पहुंचने पर उनकी छोटी बहन सुनीता और छोटे भाई नरेंद्र सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। मनमोहन के चाचा रमेश भंडारी ने बताया कि मनमोहन के चार भाई व बहन हैं। दोनों बहनों कुसुम और सुनीता की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई नरेंद्र सिंह दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। मनमोहन के पिता भगत सिंह भंडारी भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। वह इन दिनों दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं। मनमोहन के चाचा ने बताया कि परिजन उनकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे। उन्हें भी लड़की देखने घर आना था।   

पूरे क्षेत्र में शोक की लहर  
मनमोहन का शव रविवार सुबह कालों गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। कालों, वज्वाड, माथोली व पाबौ आदि क्षेत्रों से उसकी अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। लैंसडौन से आए सेना के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।  

रेलवे की लापरवाही है तो हो कार्रवाई  
ग्राम प्रधान कालो सुनीला देवी व मनमोहन के चाचा रमेश भंडारी ने कहा कि इस घटना में यदि रेलवे विभाग की लापरवाही सामने आती है तो विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें