परिवार को स्वस्थ और खुशहाल रखने के लिए पिता की कुर्बानियों का कोई विकल्प नहीं। पिता के प्रति आभार जताने के लिए हर साल एक खास मौका होता है।
रविवार को दुनिया भर में पिता को समर्पित दिन फादर्स डे मनाया जा रहा है। कुछ लोगों ने परिवार से दूर होने के चलते इस साल ऑनलाइन ही अपने पिता से मुलाकात की। बीते साल से कोरोना काल में ऑनलाइन का चलन बढ़ा है। ऐसे में संकट की इस घड़ी में कई बच्चे आज यानि रविवार को ऑनलाइन ही अपने पिता से मुलाकात कर रहे हैं।
डेढ़ साल से श्रीनगर के बेस अस्पताल में स्टाफ नर्स के तौर पर मैं अपनी सेवाएं दे रही हूं। हर साल फादर्स डे को परिवार के साथ खास बनाया जाता था। परिवार देहरादून के जोगीवाला में रहता है, लेकिन कोरोना काल में घर जाना सुरक्षित नहीं है तो इस बार ऑनलाइन ही पिता से मुलाकात कर उन्हें फादर्स डे की शुभकामनाएं दीं।
-शिवानी रावत
कोरोना काल में शहर से गांव जाना सुरक्षित नहीं है। पौड़ी के गांव में मां पिता के साथ अन्य सदस्य भी रहते हैं तो इस बार फादर्स डे पर ऑनलाइन ही पिता से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। फादर्स डे के लिए इंतजार रहता है। यह हम सबके लिए एक खास मौका होता है कि पिता के प्रति हम सब मिलकर आभार जता सकें। संकट की इस घड़ी में ऑनलाइन उत्सव मनाना सुरक्षित है।
-पूर्णिमा रावत