उन्होंने बताया कि राजपाल के शव को परिजनों के पहुंचने से पहले ही राजस्व पुलिस ने उठा लिया, जो कि अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि राजपाल तैराकी में अव्वल था, जो उसके डूबने से मौत की जगह हत्या की ओर इशारा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्व पुलिस से मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हुआ। पुलिस से मामले की जांच की गुहार लगाई गई, लेकिन पुलिस ने भी मामले को हत्या नहीं होना बताया।
इसके बाद मामला पुलिस से सीबीसीआईडी को गया। सीबीसीआईडी ने भी मामले पर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी है। इंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक, मंत्री व पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर बेटे की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है।