बेटे की बुरी तरह पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई
कपकोट तहसील के एक गांव का ग्रामीण अपनी 13 वर्षीय बेटी को दो साल से हवस का शिकार बना रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।
आरोपी की पत्नी भी मारपीट के भय से अपने मायके में रहती थी। एक दिन पिता को बहन के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा तो बेटे ने विरोध किया। आरोप है कि इस पर ग्रामीण ने बेटे की बुरी तरह पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता की मां ने 29 मार्च 2017 को कपकोट थाने में उसके पिता के खिलाफ बेटे की हत्या और बेटी से दुराचार करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।
15 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा
जुर्माने में से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश
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अब जाकर किशोरी से दुष्कर्म करने वाले पिता को विशेष सत्र न्यायाधीश हीरा सिंह बोनाल ने 15 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने जुर्माने की धनराशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ हत्या, पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की जांच करते हुए एसआई मोहन चंद्र पलड़िया ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आबिद हसन और विशेष लोक अभियोजक खड़क सिंह कार्की ने 10 गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए।
पीड़िता, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त पर दुष्कर्म का दोष साबित हो गया। अदालत ने अभियुक्त को 15 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इधर, अदालत में अभियुक्त के खिलाफ बेटे की हत्या करने का आरोप साबित नहीं हो सका।