Army Chief General Bipin Rawat
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हॉस्टल में 125 छात्र व 125 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। बता दें कि गढ़वाल रेजीमेंटल सेंटर लैंसडौन में वर्ष 1980 से ही सेवारत, सेवानिवृत्त जवानों व शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन समय के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। लैंसडौन में उस मुताबिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। लिहाजा एजुकेशनल हब की पहचान रखने वाले देहरादून में सैनिकों के बच्चों के लिए नया हॉस्टल बनाया गया है।
ताकि वह उचित वातावरण में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके। कॅरियर के लिहाज से भी यहां उनका अच्छा मार्गदर्शन हो सकेगा। यहां स्कूल जाने आने के लिये बस की व्यवस्था,छात्रावास के अंदर ही चिकित्सीय सुविधा,पुस्तकालय,कम्प्यूटर लैब,ट्यूशन की सुविधा,प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग,करियर काउंसिलिंग आदि की व्यवस्था है।
हास्टल का अनुमानित शुल्क 88,800 से 95,400 रुपये सलाना तय किया गया है।यह सुविधा कक्षा पांच से बारह के छात्र छात्राओं के लिये होगी।छात्रों की शिक्षा के लिये आर्मी पब्लिक स्कूल क्लेमेनटाउन व केवि एफआरआइ के साथ समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है।साथ ही अन्य प्रतिष्ठित स्कूलों से भी संपर्क किया गया है।