मूल रूप से कोटद्वार निवासी आयुष का परिवार लंबे समय से नोएडा में रह रहा है। आयुष को नोएडा की एक प्लेसमेंट कंपनी ने दुबई की शिप कंपनी में नौकरी दिलाई थी। इसके बाद, उसे ईरान भेज दिया गया था। आयुष के ताऊ बिजेंद्र चौधरी के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर उन्हें पूरी जानकारी दी गई है।
विदेश मंत्रालय अपने स्तर से प्रयास कर रहा है। इस बीच, लोकसभा में गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत के स्तर पर भी यह मामला उठाए जाने से विदेश मंत्रालय की सक्रियता बढ़ी है, लेकिन नतीजा फिलहाल कुछ नहीं निकला है। नोएडा पुलिस ने इस संबंध में प्लेसमेंट एजेंसी के संचालकों से भी पूछताछ शुरू की है।
खाड़ी देशों में प्रवासी उत्तराखंडी संगठन से जुडे़ रोशन रतूड़ी, मौला चांद समेत तमाम उत्तराखंडियों ने आयुष के प्रकरण पर एकजुटता दिखाई है। चौधरी के अनुसार, प्रवासी उत्तराखंडी हर संभव मदद कर रहे हैं।
उनके भरोसे पर ही आयुष के पिता और बहन वहां गए हैं। सबसे पहला प्रयास दुबई में मंत्रालय में जाकर स्थिति का पता करने की है। इसके बाद, ईरान के असालू बंदरगाह क्षेत्र में जाकर भी आयुष की तलाश की जाएगी।