उधर, काशीपुर के गिरीताल स्थित श्रीकृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। अस्पताल के प्रबंधक डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि कैंची से हमला करने के कारण सभी बच्चों के पेट फट गए और दो बच्चों की आंत तक बाहर आ गई थी। उनकी सर्जरी कर दी है। गरीबी के कारण घायल बच्चों का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ठाकुरद्वारा कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने घायलों के उपचार के लिए अपने पास से पचास हजार रुपये बैंक में जमा कराए है।
भतीजे की वजह से कलावती की जान बच गई। रोहताश का एक साथ पूरे परिवार को खत्म करने का इरादा था। वह चार बच्चों के पेट में कैंची घोंप चुका था। बच्चों की चीखे सुनकर कलावती जागी तो पति के चेहरे पर हैवानियत देख वह बचने के लिए भागी। इसी बीच रोहताश के भाई छत्रपाल का पुत्र सुनील वहां आ गया। उसने रोहताश को पकड़कर उसके हाथ से कैंची छीन ली। रोहताश अपने भतीजे को धक्क का देकर वहां से भाग निकला।