फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिरफिरे पिता ने सोते समय बच्चों पर कैंची से किया हमला, एक की मौत और तीन घायल

Mon, 10 Jun 2019 10:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
विज्ञापन

निर्दयी पिता ने अपने चार बच्चों पर कैंची से हमला दिया। इनमें से एक बेटे की मौत हो गई जबकि दो बेटियां और छोटा बेटा बुरी तरह से जख्मी हैं। उन्हें काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  आरोपी पति के खिलाफ उसकी पत्नी कलावती ने ठाकुरद्वारा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं लेकिन आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। 

विज्ञापन


ठाकुरद्वारा कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में ग्राम निर्मलपुर निवासी कलावती ने कहा कि उसका पति रोहताश शराब पीने का आदी है। वह परिवार के दायित्वों के प्रति लापरवाह है। घर खर्च को लेकर वह उसे और बच्चों को तंग रखता था। रोहताश पूर्व में कई बार बच्चों को जान से मारने की धमकी दे चुका था। 

रविवार की रात दस बजे रोहताश ने कैंची से हमलाकर उसके पुत्र रवि की हत्या कर दी, जबकि दो पुत्रियों शिवानी व सलोनी और पुत्र आकाश को गंभीर रूप से घायल कर दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रोहताश के खिलाफ धारा 302 व 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। 
विज्ञापन

इस मुकदमे की विवेचना ठाकुरद्वारा कोतवाल मनोज कुमार सिंह द्वारा की जा रही है। कोतवाल ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिशें दे रही है। 

विज्ञापन

14 साल के बेटे रवि की मौत

उधर, काशीपुर के गिरीताल स्थित श्रीकृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। अस्पताल के प्रबंधक डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि कैंची से हमला करने के कारण सभी बच्चों के पेट फट गए और दो बच्चों की आंत तक बाहर आ गई थी। उनकी सर्जरी कर दी है। गरीबी के कारण घायल बच्चों का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ठाकुरद्वारा कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने घायलों के उपचार के लिए अपने पास से पचास हजार रुपये बैंक में जमा कराए है। 

भतीजे की वजह से कलावती की जान बच गई। रोहताश का एक साथ पूरे परिवार को खत्म करने का इरादा था। वह चार बच्चों के पेट में कैंची घोंप चुका था। बच्चों की चीखे सुनकर कलावती जागी तो पति के चेहरे पर हैवानियत देख वह बचने के लिए भागी। इसी बीच रोहताश के भाई छत्रपाल का पुत्र सुनील वहां आ गया। उसने रोहताश को पकड़कर उसके हाथ से कैंची छीन ली। रोहताश अपने भतीजे को धक्क का देकर वहां से भाग निकला।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें