ओवरटेक करने के प्रयास में चालक टैंकर से नियंत्रण खो बैठा और उसने सामने से आ रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक चला रहे सुखविंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठे उसके पिता बलकार सिंह गंभीर रूप घायल हो गए। हादसे में बाइक के परखचे उड़ गए। हादसे के बाद हाईवे पर दोनों तरफ जाम लग गया।
सूचना पर एसओ जसविंदर सिंह पुलिस फोर्स के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल बलकार सिंह को सीएचसी भिजवाया लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने भी दम तोड़ दिया। हादसे से आक्रोशित कुछ लोगों ने टैंकर में तोड़फोड़ करने और उसे फूंकने की कोशिश की। पुलिस ने बमुश्किल उन्हें समझाकर शांत कराया। सुखविंदर के परिवार में पत्नी कुलविंदर कौर, छह वर्षीय बेटा राजा, दो वर्षीय बेटी मनप्रीत मां कांता बाई हैं।
टैंकर की चपेट में आकर जान गंवाने वाला सुखविंदर दो भाइयों में छोटा था। खेतीबाड़ी से लेकर अन्य सभी कार्यों में उसकी ही भागीदारी रहती थी। बड़ा भाई पूरन सिंह भी हाथ बंटाता था लेकिन घर, परिवार एवं खेत खलिहान की देखरेख करने की जिम्मेदारी सुखविंदर पर ही थी। सुखविंदर के दोनों मासूम बच्चों को इस बात का जरा भी एहसास नहीं है कि उनके पिता और दादा अब कभी भी लौटकर नहीं आएंगे।
टैंकर से टकराकर हेलमेट भी हुआ चकनाचूर
टैंकर की चपेट में आए सुखविंदर ने हेलमेट भी पहना हुआ था लेकिन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुखविंदर का सिर टैंकर से सामने से टकराया। इससे हेलमेट चकनाचूर होकर टूट गया। सीधी टक्कर लगने से सुखविंदर टैंकर के साथ घिसटता चला गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।