पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती। प्रदेश के डाकपत्थर निवासी सुरेंद्र प्रकाश गुप्ता ने इसे सच कर दिखाया। 70 वर्षीय गुप्ता इन दिनों उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी से बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा दे रहे हैं।
उनके इस कार्य में उनकी विवाहिता बेटी कांता (35) भी पूरी मदद कर रही है। कांता ने भी इस साल ओपन यूनिवर्सिटी से बीए प्रथम वर्ष का फार्म भरा था। शुक्रवार को पिता-पुत्री दोनों साहिया स्थित यूनिवर्सिटी सेंटर में परीक्षा देने पहुंचे।
सुरेंद्र ने 1961 में इंटर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उनकी डाकपत्थर सिंचाई विभाग में नौकरी लग गई। गुप्ता बताते हैं कि नौकरी में आने के बाद वह नौकरी और घर गृहस्थी में व्यस्त हो गए। उन्हें आगे पढ़ने का मौका नहीं मिल सका।
वर्ष 2002 में वह नौकरी से रिटायर हो गए। अब सभी जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद वह अपनी पढ़ाई की इच्छा को पूरा करने में लगे हैं। कांता का कहना है कि पिता को पढ़ाई करते देख उसका भी हौसला बढ़ा और उसने भी पिता के साथ पढ़ाई शुरू करने की ठान ली। पिता जहां बीकॉम कर रहे हैं, वहीं वह बीए की परीक्षा दे रही है।
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