हरिद्वार में बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। खेतों में पानी भरने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र लक्सर और खानपुर में ही करीब साढे़ चार हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान है।
सरसों, चारे की फसल (बरसीम, जेई) आदि का उत्पादन भी प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा रुड़की, भगवानपुर, झबरेड़ा, कलियर आदि इलाकों में रबी की फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
खानपुर और लक्सर बाढ़ प्रभावित इलाके हैं। पिछले साल जून में आई बाढ़ ने यहां के निचले इलाकों में भारी तबाही मचाई थी।
फसलों को भारी नुकसान
तब भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। बाढ़ के मारे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि गेहूं की फसल उनके दुख-दर्द दूर करने में सहायक होगी, लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया।
कई घंटे तक लगातार बारिश होने से रायसी, खानपुर, भिक्कमपुर, कुआं खेड़ा, मथाना, दल्लेवाला, शेरपुर आदि निचले इलाकों में खेतों में पानी भर गया, जिससे गेहूं और सरसों की फसल गलकर खराब होने की आशंका है।
कई खेतों में पानी इस तरह भरा है कि उसे सूखने में कई दिन लगेंगे। किसान राज सिंह, महेंद्र, कृष्णपाल, सतबीर, सूरत सिंह, जयप्रकाश, निरंतर पाल एवं मांगेराम आदि ने बताया कि खेत बारिश के पानी से तालाब नजर आ रहे हैं।
इधर, रुड़की, भगवानपुर, झबरेड़ा, नारसन, कलियर आदि क्षेत्रों में भी बारिश से फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
सीजनल सब्जियों को नुकसान
बारिश से सीजनली सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा मटर, टमाटर, गोभी, पत्ता गोभी, धनिया, पालक, चना आदि
सब्जियों की फसल को क्षति पहुंची है। खेतों में पानी भरा होने से इन सब्जियों के नष्ट होने की आशंका बनी है। इससे सब्जियों की आवक पर असर पड़ सकता है। जिससे सब्जियों भाव में उछाल आ सकता है।
मैंने कई इलाकों का जायजा लिया है। रुड़की, झबरेड़ा, नारसन, भगवानपुर और बहादराबाद आदि क्षेत्र में फसलों को बारिश से आंशिक नुकसान है। लक्सर और खानपुर में निचले इलाकों में बारिश का पानी खेतों में भरा है। बारिश से फसलों के नुकसान का अनुमान फिलहाल नहीं लगाया जा सका है। लेकिन बारिश का असर फसलों पर पड़ा है। इससे उत्पादन के प्रभावित हो सकता है।
- जेपी तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी, हरिद्वार