इसके बाद वह अपना गन्ना लेकर क्रेन के पास पहुंचे। बताया जा रहा है कि क्रेन के पास मौजूद गन्ना निरीक्षकों ने रफल सिंह के गन्ने को प्रतिबंधित प्रजाति का बताकर तौलने से मना कर दिया। शुगर मिल परिसर में मौजूद किसानों के मुताबिक, किसान रफल सिंह ने गन्ना निरीक्षकों से गन्ना उतरवाकर तौलने का अनुरोध भी किया, लेकिन उन्होंने गन्ना लेेने से साफ इनकार कर दिया।
किसानों के मुताबिक, लगभग 40 घंटे बाद नंबर आने पर भी गन्ना नहीं लिए जाने से आहत किसान रफल सिंह अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली को मिल में ही खड़ी कर बाजार पहुंचे और जहर की शीशी खरीद ली। इसके बाद वापस मिल पहुंचे और अधिकारियों के सामने ही जहर गटक लिया।
किसान को जहर पीते देख मिल अधिकारियों के होश उड़ गए। आननफानन में रफल सिंह को लेकर किसान सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताकर उन्हें हायर सेंटर भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही मिल में मौजूद किसान अतिथि गृह पहुंचे और मिल अधिकारियों को दौड़ा दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लाठी फटकार किसानों को मिल से हटाया। मामले में किसान रफल सिंह के भाई शेर सिंह ने मिल के चार अधिकारियों पर भाई को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर तहरीर दी है। कोतवाल अमर चंद शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
शुगर मिल में पौधा गन्ने की खरीद की जा रही है, लेकिन किसान पेड़ी गन्ना लेकर आया गया था। इस शुगर मिल के अधिकारियों ने इस प्रजाति का गन्ना खरीदने से मना कर दिया था। इसके बाद किसान ने ऐसा कदम उठाया है। किसान के गन्ने की खरीद कर ली गई है।
-सुरेश शर्मा, गन्ना महाप्रबंधक, लक्सर