शहर की चकाचौंध से दूर उत्तराखंड में चमोली जिले के भेंटी गांव में किसान सब्बर सिंह के छोटे बेटे महावीर ने उत्तराखंड बोर्ड की इंटर परीक्षा में 90.40 फीसदी अंक प्राप्त कर राज्य में 16वीं रैंक प्राप्त की है।
महावीर को मेरिट में आने की सूचना मंगलवार को अमर उजाला ने दी। हर रोज जीआईसी घाट पहुंचने के लिए छह किमी की दूरी पैदल नापने के बावजूद महावीर ने घर का पूरा ख्याल रखा। पिता के साथ खेतों में हल भी लगाया। उन्होंने हाईस्कूल में भी 82 फीसदी अंक हासिल किए थे।
अब इंटर में महावीर ने बिना ट्यूशन के यह मुकाम हासिल किया। वह इंजीनियर बनकर देश में अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहते हैं। महावीर के पिता सब्बर सिंह और माता कमला देवी खेती कर परिवार की आजीविका चलाते हैं।
महावीर अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं। दिनभर खेतों में काम करने वाले माता-पिता से महावीर को मेहनत करने की सीख मिली।
महावीर ने बताया कि हर दिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करने के साथ ही वह विद्यालय में पढ़ाए हर एक चेप्टर का घर पर रिविजन करते थे। महावीर के पिता सब्बर सिंह का कहना है कि महावीर का सपना इंजीनियर बनना है। वह छोटी उम्र से ही मेहनती और लगनशील रहे।