अपनी शायरी से लोगों के दिलों पर राज करने वाले डॉ. राहत इंदौरी दूनवासियों से किया वादा पूरा नहीं कर पाए। वर्ष 2018 में जब वह दून आए थे तो उन्होंने फिर लौटकर आने का वादा किया था।
2018 में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय ने उन्हें ग्राफिक एरा काव्य गौरव सम्मान से भी नवाजा था। इसके बाद राहत कई जगह कवि सम्मेलन और मुशायरों की शान बढ़ाते रहे। 15 अप्रैल को ग्राफिक एरा की ओर से आयोजित ई-कवि सम्मेलन में उन्होंने अपनी कई शानदार कविताएं, शेर और गजल पेश की।
उनसे जुड़ी यादें ताजा करते हुए ग्राफिक एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि डॉ. राहत इंदौरी जब दून आए तो उनकी प्रस्तुतियों पर देर तक तालियां बजती रही। बाद में उन्होंने कहा कि इस तरह की दीवानगी और शेरो-शायरी को समझने वाले युवा श्रोता कम ही मिलते हैं।
उनकी रचना के कद्रदान हर उम्र के लोग हैं। उनके निधन का समाचार मिलने के बाद विवि में शोकसभा कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गई।