इस दौरान टीम में देहरादून के औषधि निरीक्षक नीरज कुमार, नैनीताल की औषधि निरीक्षक मीनाक्षी, ऊधमसिंह नगर से औषधि निरीक्षक सुधीर कुमार और हरिद्वार से सीपी नेगी व बीसी पंत शामिल रहे। हरिद्वार के औषधि निरीक्षक सीपी नेगी ने बताया कि कुछ दिन पहले शिकायत मिली थी कि कंपनी में ब्रांडेड दवा कंपनियों के नाम से दवाई तैयार की जा रही है। साथ ही ब्रांडेड कंपनियों के लेबल लगाकर मार्केट में सप्लाई की जा रही है। उसी शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कंपनी के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं नकली दवाएं
भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में दवा कंपनियों में पूर्व में भी ड्रग विभाग की छापेमारी में नकली दवाएं बनाने का खुलासा हो चुका है। इसके साथ ही ब्रांडेड दवाओं के लेबल लगाकर नकली दवा बेचने के मामले पकड़ में आ चुके हैं। रुड़की क्षेत्र में भी ऐसे कई मामले में सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके नकली दवा बनाने वाले हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।