रविवार को मुखबिर की सूचना पर काशीरामपुर स्थित वसुंधरा फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फर्जी मोहरें, फर्जी नामों के आई कार्ड, विजिटिंग कार्ड, कंप्यूटर सिस्टम और चार हजार रुपये की नकदी बरामद की।
छापेमारी की भनक लगते ही दो आरोपी फरार हो गए, जबकि तीन लोग गिरफ्तार कर लिए गए। गिरफ्तार लोगों की पहचान यूपी के मेरठ जिले के कंकरखेड़ा थाने के ग्राम सिंधावली निवासी मोहम्मद नदीम पुत्र स्व. फतेह, प्रदीप गोस्वामी पुत्र मदनलाल निवासी शिव शक्ति बिहार भवानपुर और नौशाद उर्फ सम्राट पुत्र रुस्तम निवासी सिवाल खास पोस्ट के रूप में हुई है।
आरोपियों में नौशाद बीटेक पास है और इस फर्जी कंपनी का मास्टर माइंड भी है। ये लोग उत्तर प्रदेश में भी फर्जीवाड़े में जेल जा चुके हैं। अब ये कोटद्वार में फर्जी कंपनी खोलकर यूपी के बिजनौर और उत्तराखंड के काशीपुर, उधमसिंहनगर में कंपनी का प्रचार-प्रसार कर रहे थे।
संपर्क करने वालों को ये फोन कर लोन देने के लिए कोटद्वार बुलाते थे। लोन पास करवाने के लिए हर व्यक्ति से 3750 रुपये की फीस वसूलते थे। बाद में कुछ न कुछ कमी बताकर ग्राहकों को वापस लौटा देते थे और फीस को आपस में बांट लेते थे। कोटद्वार में अभी तक ये लोग नौ व्यक्तियों को अपने झांसे में फंसा चुके हैं।
सीओ ने बताया कि फरार आरोपियों में यूपी के जनपद गाजियाबाद के शक्कुवाली गली मुरादनगर निवासी हैदर अली पुत्र सलीम और मेरठ कंकरखेड़ा के ग्राम सिंधावली निवासी शाहिद पुत्र मुबारक हैं।
कंपनी का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम में एसएसआई राकेंद्र कठैत, उप निरीक्षक सतेंद्र भाटी, दर्शन सिंह बिष्ट, संदीप शर्मा, कांस्टेबल गजेंद्र कुमार, मेजर तोमर शामिल हैं।