उत्तराखंड को बीसीसीआई की पूर्ण मान्यता मिलने के बाद एक बार फिर राज्य में फर्जीवाड़ा करने वाला गैंग सक्रिय हो गया है। यह गैंग क्रिकेटरों के फर्जी दस्तावेज बनाने से लेकर टीम में एंट्री दिलाने तक के दावे कर रहा है। कई अभिभावक और क्रिकेटर इनके झांसे में आ भी चुके हैं।
पिछले साल भी ट्रायल से पहले राज्य में ऐसे कई गिरोह सक्रिय हुए थे, जो दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें ट्रायल में शामिल करवाने का दावा कर रहे थे। उन्होंने कई खिलाड़ियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर ट्रायल में शामिल भी करवाया। इनमें से कुछ खिलाड़ी टीम में जगह बनाने में भी सफल रहे थे, जिन्हें बाद में दस्तावेजों की जांच के दौरान पकड़ा गया। अब ट्रायल शुरू होने से पहले एक बार फिर इस तरह के कुछ गिरोह सक्रिय हो गए हैं।
इनका फोकस मुख्यत: अंडर-14 टीम के क्रिकेटरों पर हैं, जिनके फर्जी दस्तावेज तैयार करने का यह दावा कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह हरियाणा, यूपी, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल के उदयीमान क्रिकेटरों के दस्तावेज तैयार कर उन्हें ट्रायल में शामिल करवाने का आश्वासन दे रहे हैं। यही नहीं वह क्रिकेटरों की टीम में जगह पक्की कराने का दावा भी कर रहे हैं।
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नजदीकी का दे रहे हवाला
इन गिरोहों से जुड़े लोग अभिभावकों और युवा क्रिकेटरों को क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पदाधिकारियों से नजदीकी का हवाला दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मान्यता मिलने के बाद गिरोह सदस्यों ने एसोसिएशन पदाधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाए हैं, जिसका वह अभिभावकों पर रौब गालिब करने में इस्तेमाल कर रहे हैं।
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कई एकेडमी संचालक भी शामिल
प्रदेश के कुछ क्रिकेट एकेडमी संचालक और क्रिकेट कोच भी खिलाड़ियों को टीम में एंट्री दिलाने का दावा कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कम उम्र के क्रिकेटर उनके निशाने पर हैं। इसके अलावा उम्र सीमा पार करने की दहलीज पर खड़े क्रिकेटरों को भी टीम में शामिल कराने का लालच दिया जा रहा है। एक अभिभावक के अनुसार कुछ कोच और प्रतियोगिताएं कराने वाले भी इस तरह का लालच दे रहे हैं।
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हम लगातार अभिभावकों और क्रिकेटरों को सचेत कर रहे हैं। बीसीसीआई भी इस तरह का फर्जीवाडा रोकने के लिए कदम उठा रही है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसी को ट्रायल में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। ट्रायल पूरी तरह पारदर्शी होंगे। इसलिए अभिभावकों व क्रिकेटरों से अपील है कि वह किसी के झांसे में न आएं।
- महिम वर्मा, सह सचिव, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड