पुलिस ने तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर राजेंद्र को जेल भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने विपिन यादव निवासी बेतिया, जिला पश्चिमी चंपारण, बिहार और नीटू निवासी शंकरपुरी ब्रह्मपुरी कोतवाली रुड़की समेत पांच और लोगों को जेल भेजा था।
पुलिस को पता चला था कि इस काम का मास्टर माइंड दिल्ली निवासी विजय है। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। दो दिन पूर्व पुलिस विजय की तलाश में दिल्ली पहुंची और ताबड़तोड़ छापा मारा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने बताया कि पुलिस दिल्ली स्थित साकेत में स्थित संस्था के कार्यालय पहुंची तो पता चला कि संस्था का दो साल पहले रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया था। ये लोग तभी से संस्था के नाम से फर्जी काम करते आ रहे हैं। एसपी देहात ने बताया कि इस गिरोह में संस्था से जुड़ी एक महिला समेत कई अन्य लोग भी शामिल हैं। जल्द सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।