पैसे कमाने के लालच में फर्जी डिग्रीधारक डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रदेश के ऐसे ही दो फर्जी डिग्रीधारक डॉक्टरों की असलियत सामने आई है।
उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. वाईएस बिष्ट की ओर से आरोपित डॉक्टरों के खिलाफ थाना रायपुर में धोखाधड़ी व फर्जी दस्तावेज के उपयोग का मुकदमा दर्ज करवाया गया है।पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
डांडा लखौड़ स्थित उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डा. वाईएस बिष्ट ने यशवंत कुमार पुत्र शत्रुघ्न निवासी लखनऊ (उत्तर प्रदेश) हाल पता कैलाश अस्पताल रुद्रपुर तथा रामशरण रत्रा पुत्र चंदन लाल निवासी गुरु रोड देहरादून के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।
डॉ. वाईएस बिष्ट के अनुसार ये दोनों लोगों ने अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए फर्जी जाली डिग्री प्राप्त कर दस्तावेज तैयार कर उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में फर्जी प्रमाण पत्र को असली के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार का अस्पताल/क्लीनिक खोलने के लिए एमबीबीएस डॉक्टरों को काउंसिल में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। रजिस्ट्रेशन के बाद ही डॉक्टर उपचार/इलाज के लिए प्रेक्टिस कर सकते हैं।
इसी क्रम में रजिस्ट्रेशन के लिए काउंसिल की कमेटी ने डॉ. यशवंत व डॉ. रामशरण रत्रा से उनके सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।
प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जबकि ये दोनों लोग पहले से ही मरीजों का उपचार कर रहे थे। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।