ठगी का मामला चर्चा में आने के बाद दो अन्य लोग भी शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे। इनमें नाव चला कर गुजर बसर करने वाले चनी राम आर्य ने एक लाख रुपयों की ठगी का मामला दर्ज करवाया। बताया कि उन्होंने अपने बेटे मनोज कुमार की नौकरी लगाने के एवज में दो किस्तों में एक लाख रुपये फर्जी कर्नल को दिए। वहीं, दूसरे मामले में मल्लीताल पिल्ग्रीम निवासी खड़क सिंह रावत ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के भाई के बेटे की नौकरी लगाने के एवज में फर्जी कर्नल को 60 हजार रुपये दिए, जिसकी शिकायत उन्होंने कोतवाली में दर्ज करवाई है।
सोशल मीडिया से गिरफ्त में आया फर्जी कर्नल
फर्जी कर्नल की गिरफ्तारी में सोशल मीडिया एक बार फिर कारगर साबित हुआ है मल्लीताल कोतवाली में ठगी के शिकार हुए होटल मैनेजर एवं उसके भाई द्वारा धोखाधड़ी कर रुपये हड़पने की शिकायत दर्ज करवाने के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया में पूरे मामले की जानकारी अपडेट करने के साथ ही फर्जी कर्नल का फोटो भी वायरल कर दिया, इसके बाद उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश की पुलिस भी हरकत में आई और आरोपी कानपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एसएसआई बीसी मासीवाल ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार देर रात तक फर्जी कर्नल की महिला मित्र का मोबाइल नंबर हासिल किया। यह नंबर सर्विलांस पर लगाया गया, जो बाद में कर्नल की लोकेशन पता करने में सहायक साबित हुआ।
कानपुर पुलिस को भी थी आरोपी की तलाश
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कानपुर के रेल बाजार थाने में प्रदीप कुमार पांडे ने फर्जी कर्नल सूर्य प्रताप सिंह और उसके दो अन्य साथियों संतोष कुमार और चंद्रदेव होटल के मैनेजर नरेश के खिलाफ सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर 8 लाख 40 हजार रुपये हड़पने की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामले में 420, 406, 342, 504, 506 आईपीसी के तहत मामला पंजीकृत किया है। कानपुर पुलिस को भी मामले में आरोपी सूर्य प्रताप सिंह की तलाश थी।
कम शिक्षित लोगों को बनाया शिकार, फर्जी कॉल लेटर भी जारी किए
करीब डेढ़ माह तक नगर में रहकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले फर्जी कर्नल ने कम शिक्षित लोगों को ही अपना शिकार बनाया। यहां तक कि लोगों से पैसे लेने के बाद कर्नल ने उन्हें फर्जी कॉल लेटर भी जारी कर दिए। इस डेढ़ माह में कर्नल होटल के स्टॉफ से इतना घुल मिल गया कि वह एक होटल कर्मी की शादी में उसके गांव भी गया और वहां भी उसने गांव के लोगों को अपने झांसे में लेने का प्रयास किया।