पीआरडी में चालक पद पर नियुक्ति पाने के लिए एक आरोपी ने प्रशिक्षण का फर्जी प्रमाणपत्र बना लिया। विभाग ने जब जांच की तो खुलासा हुआ। शिकायत पर रायपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर थाना प्रभारी प्रदीप नेगी ने बताया कि बागेश्वर के किलपारा निवासी पंकज कुमार ने जून 2022 को निदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल को एक पत्र भेजा और दावा किया की उसने 15 दिन पीआरडी प्रशिक्षण लिया है। आरोपी ने इसके आधार पर बागेश्वर में रिक्त पद पर नियुक्ति की मांग की। विभाग ने जांच के लिए इसे जिला युवा कल्याण एवं पीआरडी अधिकारी बागेश्वर को भेजा। जब युवा कल्याण निदेशालय में जांच हुई तो प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र पर शक हुआ।
इसके बाद दस्तावेज की जांच की तो पता चला कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों की सूची में आरोपी का नाम नहीं था। यहीं नहीं प्रमाणपत्र में फर्जी हस्ताक्षर समेत कई गड़बड़ी मिलीं। इसकी पुष्टि तत्कालीन संयुक्त निदेशक और कैम्प कमांडर ने भी की। इसके बाद सहायक निदेशक दीप्ति जोशी ने रायपुर पुलिस को शिकायत की। उनकी शिकायत पर पुलिस ने पंकज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।