कागजों में उत्तरकाशी को भागीरथी तथा असी गंगा के उफान से बचाने की मजबूत योजना का खाका तो तैयार हो गया, लेकिन काम शुरू करने के लिए शासन से अभी बजट नहीं मिला है।
54 करोड़ की पुरानी स्वीकृत योजना का अवशेष बजट भी न मिलने से शासन-प्रशासन की अक्तूबर प्रथम सप्ताह से काम शुरू कराने की घोषणा हवाई साबित होती दिख रही है।
भागीरथी में आए उफान ने तबाही मचाई
जून माह में भागीरथी में आए उफान ने जोशियाड़ा सहित मांडों, गंगोरी, तिलोथ के तटवर्ती हिस्सों में भारी तबाही मचाई। अब विभाग ने पानी में डूबे बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर खर्च 22 करोड़ के अलावा बाढ़ सुरक्षा के पुराने स्वीकृत कार्यों का पुनरीक्षित आगणन तैयार किया है।
बदली हुई परिस्थितियों में जोशियाड़ा की ओर इंद्रावती नदी से झूलापुल तक 15 करोड़ तथा बाजार की ओर मणिकर्णिकाघाट से केदारघाट तक सुरक्षा कार्यों के लिए करोड़ों की नई योजना तो तैयार की, लेकिन अभी न तो डिजायन स्वीकृत हुआ और न ही बजट।
काम शुरू कराने के लिए दबाव
सिंचाई विभाग पुराने स्वीकृत कार्यों के अनुबंधित ठेकेदारों पर काम शुरू कराने के लिए दबाव डाल रहा है, लेकिन दस करोड़ का बकाया होने से वे भी हाथ खड़े कर रहे हैं। ऐसे में कब तक बाढ़ सुरक्षा के काम शुरू होंगे और अगले वर्ष अप्रैल-मई में भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से पहले किस तरह पूरे होंगे, ये सवाल बने हुए हैं।
ऐसी बनेगी सुरक्षा दीवार
सिंचाई विभाग के अभियंताओं के मुताबिक जोशियाड़ा वाले हिस्से में नदी के वास्तविक तल से नीचे दो मीटर गहरी बुनियाद खोदी जाएगी। इसके ऊपर पांच मीटर बेस वाली छह मीटर ऊंची सीमेंट कंक्रीट की दीवार बनाई जाएगी। इस दीवार के बाहर की ओर दस सेंटीमीटर मोटाई का आरसीसी कवर लगाया जाएगा।