दीपावली पर आतिशबाजी चार बच्चों की आंख की रोशनी ले गई। इन बच्चों की आंखों में जलता हुआ रॉकेट घुसा है। गंभीर हालत होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। इसके अलावा पटाखों की चिंगारी लगने से 22 और बच्चों की आंखों का नुकसान पहुंचा है। हालांकि उनकी आंखों की रोशनी को कोई खतरा नहीं है।
आतिशबाजी से हुआ हादसा
दीपावली की रात हुई आतिशबाजी ने चार बच्चों की रोशनी को छीन लिया है। रुड़की निवासी नितिन एवं पूनम, बहादराबाद निवासी सृष्टि और भगवानपुर निवासी आबिद को रात में अभिलाषा आई अस्पताल में लाया गया। अस्पताल के चिकित्सक डा. चंद्रशेखर ग्रोवर ने मुताबिक इन चारों बच्चों की आंख से जलता हुआ रॉकेट टकराया था। जिससे उनकी आंख का आई बॉल बुरी तरह से ब्रस्ट हो गया था।
चारों बच्चे हायर सेंटर रेफर
चारों बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। डा. ग्रोवर ने बताया कि आई बॉल ब्रस्ट होने पर आंख की रोशनी बच पाना संभव नहीं हो पाती है। आंख की हालत को देखने लग रहा था कि रॉकेट पूरे प्रेशर से आंख पर टकराया होगा।
22 बच्चे पहुंचे अस्पताल
उन्होंने बताया कि इनके अलावा 22 और बच्चे भी उनके नर्सिंगहोम में आए थे। उन सभी बच्चों की आंखों पर पटाखों की चिंगारी लगी थी। सभी बच्चों की आंखों का उपचार चल रहा है। इन बच्चों की आंखों की रोशनी को कोई खतरा नहीं है। लेकिन इलाज काफी दिन तक चलेगा।