‘मैंने इन आंखों से आपदा देखी, आप दुनिया देखो।’ आपदा पीड़ित पूजा के नेत्रदान की खबर पढ़कर हरिद्वार के सर्वेश कुमार गुप्ता द्रवित हो गए थे। उसी वक्त पत्नी को नेत्रदान की वसीयत की और बोले कि ‘मेरे मरने पर आंखें दान कर देना। अपने इकलौते बेटे को बहुत दुआएं मिलेंगी।’
दिलो-दिमाग पर बहुत गहरा असर पड़ा
यह बात अमर उजाला को स्व. सर्वेश कुमार गुप्ता की पत्नी प्रेमलता गुप्ता ने बताई। उन्होंने बताया कि नेत्र अभियान का स्व. सर्वेश के दिलो-दिमाग पर बहुत गहरा असर पड़ा था। ‘उन्होंने अपने लिए तो वसीयत कर ही दी थी, मुझसे भी कहा था कि तुम भी नेत्रदान कर देना।’ एक दो दिन के बाद उनका देहांत हो गया। मैंने उनकी वसीयत पूरी कर दी।
प्रेमलता का कहना है कि वह भी नेत्रदान के लिए प्रेरित हैं। पति ने जो कहा उसे वह मानेंगी। कहती हैं कि उनका इकलौता बेटा पार्थ गुप्ता है। कार्नियल अंधता के जिस रोगी को कार्निया मिलेगी दुआएं देगा। स्व.सर्वेश कुमार गुप्ता की कार्निया को सफलता पूर्वक कार्नियल अंधता से पीड़ित दो रोगियों को प्रत्यारोपित कर दिया गया है। कार्निया प्रत्यारोपण जॉलीग्रंट अस्पताल में हुआ है।
जॉलीग्रांट हिमालयन अस्पताल के नेत्ररोग विभाग की आई बैंक प्रभारी डा नीती गुप्ता ने बताया कि स्व. सर्वेश की कार्निया को अगले दिन प्रत्यारोपित कर दिया गया था। जिन्हें कार्निया प्रत्यारोपित की गई है, उनकी कार्निया संक्रमण के कारण खराब हो गई थी। बहुत दिनों से वे लोग अंधता का जीवन गुजार रहे थे। प्रत्यारोपण के बाद दुनिया देख सकेंगे।
नेत्रदान के लिए 31 और लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन
अमर उजाला की ओर से शुरू की गई नेत्रदान जागरूकता अभियान के बाद नेत्रदान करने का संकल्पपत्र भरने वालों की संख्या 138 तक पहुंच गई है। शुक्रवार को दिगंबर जैन महा समिति के माध्यम से 20 और लायंस क्लब डिस्ट्रिक्ट 11 लोगों का रजिस्ट्रेशन कराया है।
दिगंबर जैन महासमिति के संयोजक आरके जैन ने बताया कि लक्सर में बढ़ती डिमांड के बाद वहां भी एक सेंटर खोल दिया गया है। लक्सर के लिए भी सौ फार्म उपलब्ध करा दिए गए हैं। लायंस क्लब डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अजय दिगबंर जैन ने बताया कि उनके चार सेंटरों पर पहले ही दिन 11 लोगों ने पंजीकरण करवाया है।
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