मौसम केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार पौड़ी गढ़वाल की हालत सबसे ज्यादा खराब है, जहां एक जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक 61 फीसदी कम बारिश हुई है। सामान्य तौर पर 24 जुलाई तक यहां 456.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी लेकिन अब तक केवल 178 मिमी बारिश हुई है। वहीं, उत्तरकाशी में 57 और चंपावत में 51 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
राजधानी देहरादून में करीब दो माह के दौरान 47 फीसदी, टिहरी गढ़वाल व रुद्रप्रयाग में 45, अल्मोड़ा में 44, पिथौरागढ़ में 34, हरिद्वार में 33 और बागेश्वर व चमोली में 32-32 मिमी कम बारिश हुई है।
नैनीताल में सामान्य की 83 फीसदी ही बारिश हुई है। ऊधमसिंह नगर में सामान्य से चार फीसदी अधिक बारिश हुई है। प्रदेश के सात जिलों में बारिश की कमी चिंताजनक बनी हुई है। बारिश नहीं हुई तो इन जिलों में सूखे के हालात पैदा हो सकते हैं।
मानसून सीजन में अब तक कम बारिश हुई है। मानसून सीजन में अभी काफी समय शेष है। अगले कुछ समय में मानसून मजबूत हुुआ तो बारिश का स्तर बढ़ सकता है। फिलहाल 12 जिलों में बारिश कम है।
-बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम केंद्र