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जमरानी बांध परियोजना: लोन से पहले दिखाना होगा पुनर्वास का मौजूदा स्टेटस, अतिरिक्त स्टाफ मिला

Tue, 26 Nov 2019 08:37 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

  • जायका और एडीबी बांध निर्माण के लिए धन देने पर सहमत
  • एसई, दो ईई समेत 17 कार्मिकों की तैनाती
  • सिंचाई विभाग से धन की मंजूरी से पहले मांगी पुनर्वास और ईआईए की रिपोर्ट
     
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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जमरानी बांध परियोजना को अब पंख लगते नजर आ रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देश पर सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों की दिल्ली में सोमवार को बांध परियोजना के लिए लोन लेने के संबंध में जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जायका) और एशियन डेवलेपमेंट बैंक के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।

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बैठक में दोनों ही एजेंसियों ने बांध परियोजना के लिए लोन देने पर सहमति जताई, लेकिन लोन देने से पहले पुनर्वास का मौजूदा स्टेटस और इन्वायरमेंट इंपेक्ट एसेसमेंट (ईआईए) की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

दिल्ली में हुई बैठक में जायका और एडीबी की ओर से मांगी गई बांध परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई। अधीक्षण अभियंता संजय शुक्ल ने बांध परियोजना पर अब तक हुई प्रगति का प्रजेंटेशन दिया। बांध परियोजना के प्रजेंटेशन से संतुष्ट दोनों ही एजेंसियों ने पूछा कि जमरानी के विस्थापितों के पुनर्वास के लिए अब तक क्या कार्रवाई हुई है और क्षेत्र के पर्यावरणीय प्रभाव के अध्ययन की मौजूदा स्थिति क्या है। इन दोनों की रिपोर्ट तत्काल पेश करें।
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एसई संजय शुक्ल ने बताया पुनर्वास की कार्रवाई प्रशासन के स्तर पर चल रही है और ईआईए रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। बैठक में सिंचाई सचिव डा. भूपिंदर कौर औलख ने बताया पुनर्वास और ईआईए की रिपोर्ट जल्द पेश कर दी जाएगी। बैठक में एडीबी के सीनियर प्रोजेक्ट आफिसर राजेश यादव, अशोक श्रीवास्तव आदि थे।

जायका से 16 से18 और एडीबी से 12 से 15 माह लगेंगे लोन की प्रक्रिया में
दिल्ली में हुई बैठक की जानकारी देते हुए जमरानी परियोजना के एसई संजय शुल्क ने बताया कि जायका के अधिकारियों ने पुनर्वास और ईआईए रिपोर्ट पेश होने के 16 से 18 महीने में बांध परियोजना के लिए लोन पर धनराशि जारी करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि इतना समय विभागीय कार्रवाई में लग जाता है। जबकि एडीबी अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत कराने में करीब 12 से 15 माह का समय लगने की बात कही है।

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एसई, दो ईई समेत 17 कार्मिकों की तैनाती

उत्तराखंड सरकार ने जमरानी बांध परियोजना से संबंधित कार्यों को गति देने के लिए एक पूर्णकालिक एसई, दो ईई समेत 17 कार्मिकों की तैनाती कर दी है। इनमें ईई, एई समेत 10 अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती की गई है। जमरानी परियोजना से संबद्ध किए गए ईई समेत सभी कार्मिकों का वेतन उनके मूल तैनाती स्थल से ही आहरित होगा और जमरानी परियोजना से संबद्ध अधिशासी अभियंता ललित कुमार और भारतभूषण पांडे के पास मूल तैनाती स्थल का प्रभार भी रहेगा।

सिंचाई सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में मुख्य अभियंता स्तर-दो में तैनात अधीक्षण अभियंता संजय शुक्ल को परियोजना मंडल हल्द्वानी से संबद्ध किया गया है। जमरानी खंड दो में तैनात ई. जावेद अनवर को मुख्य अभियंता स्तर-दो से संबद्ध किया गया है, जबकि ललित कुमार ईई धारचूला और भारत भूषण पांडे ईई सिंचाई खंड कपकोट को जमरानी खंड-2 से संबद्ध किया गया है। रमेश चंद्र पांडे, रानीखेत, हरिनंदन कापड़ी रुद्रपुर, पंकज ढौंढियाल रुद्रपुर (सभी सहायक अभियंता) को जमरानी खंड दो से संबद्ध कर दिया है।

इनके अलावा चिरंजीलाल रुद्रपुर से जमरानी खंड, भास्कर कांडपाल सिंचाई खंड हल्द्वानी से जमरानी खंड, अनिल महर रुद्रपुर से जमरानी खंड, प्रियंका डोभाल सिंचाई खंड पिथौरागढ़ से जमरानी खंड-2 (सभी कनिष्ठ अभियंता), रविंद्र कुमार बिष्ट संगणक भीमताल से जमरानी खंड-2, देवेंद्र प्रसाद प्रारूपकार सिंचाई खंड हल्द्वानी से जमरानी खंड-2, हेमंत कुमार ओली वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बागेश्वर से जमरानी खंड-2, योगेश चंद्र पांडे प्रधान सहायक रुद्रपुर से जमरानी बांध निर्माण खंड-2, कमल मेहता वरिष्ठ सहायक सिंचाई खंड हल्द्वानी से जमरानी बांध निर्माण खंड-2, अंकित पंत वरिष्ठ सहायक सिंचाई खंड रामनगर से जमरानी खंड-2 मनीष जोशी जिलेदार सिंचाई खंड हल्द्वानी से जमरानी बांध निर्माण खंड-2 से संबद्ध किए गए हैं। सभी संबद्ध अभियंताओं और कार्मिकों से शीघ्र जमरानी खंड में योगदान देने को कहा गया है। इसी तरह सौंग परियोजना के लिए भी अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।
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