बताया कि उनका बेटा जब वहां पहुंचा तो उसे वापस भेज दिया गया। आरोप है कि जब उक्त पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो उसने हरिद्वार आकर मिलने की बात कही। जब उन्होंने उक्त पदाधिकारी से मुलाकात की तो उन्होंने टीम में चयन करवाने के नाम पर पांच लाख की रकम देने की बात कही।
आरोप है कि उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश की टीम में चयन होने के लिए यह रकम पदाधिकारियों के पास जानी है। उन्होंने रकम देने से इंकार कर दिया। इसपर आरोपी ने बेटे का चयन टीम में न होने देने की धमकी भी दी।
आरोप है कि छह अक्टूबर को डीपीएस में ट्रायल के दौरान फिर से उनके बेटे से रकम देने की पेशकश की गई। शिकायत पर एसएसपी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।