निर्यात क्षेत्र को प्राथमिकता मिले तो उत्तराखंड से निर्यात 30 हजार करोड़ रुपये सलाना का व्यवसाय भी हासिल कर कर सकता है।
इस समय प्रदेश से करीब 15 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया जा रहा है। प्रदेश में फार्मा सबसे तेज बढ़ता सेक्टर है और इस सेक्टर को और बढ़ावा देने की जरूरत है।
फार्मा में संभावनाएं
सहारनपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित सेमीनार में निर्यातकों ने साफ कहा कि निर्यात की प्रदेश में खासी संभावना है। फार्मा सबसे तेजी से बढ़ता सेक्टर है। इसके अलावा एग्रो फॉरसेट्री सहित अन्य कई क्षेत्र हैं जिनमें उत्तराखंड के निर्यातक तेजी से पांव पसार सकते हैं।
निर्यातकों की नजर में इसके लिए निर्यात को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फार्मा सेक्टर के लिए अलग से प्रदेश में टेस्टिंग लैब बननी चाहिए।
छोटे उद्दोगों के लिए भी विकल्प
आयोजकों में से एक 'फेडरेशन ऑफ एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन' के निदेशक आशीष जैन ने कहा कि छोटे उद्योगों के सामने भी निर्यात के विकल्प खुले हुए हैं।
उप निदेशक विदेश व्यापार डा. अमैया चंद्रा ने कहा कि निर्यातकों को निर्यात करने से पहले पूरी पड़ताल कर लेनी चाहिए कि पैसे की वापसी किस तरह से होगी।
फार्मा को विदेशों से उम्मीद
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता के मुताबिक उत्तराखंड से निर्यात का विस्तार किया जा सकता है। उत्तराखंड का फार्मा सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। इससे पहले हुई बिजनेस मीट में भी फार्मा सेक्टर को नेपाल, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से खासी मांग मिली थी।
अपर निदेशक उद्योग एससी नौटियाल ने कहा कि निर्यात प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में हैं। सेमीनार का संचालन आईएयू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने किया। सेमीनार में केंद्रीय उत्पाद शुल्क के उपायुक्त आरबीसिंह सहित अन्य कई अधिकारी और उद्यमी शामिल हुए।