वन संपदा का आकलन किस आधार पर किया जाएगा, यह तय करने के लिए विशेषज्ञ जुटे हैं।
वर्ष 2015 में दुनियाभर की वन संपदा का आकलन किस आधार पर किया जाएगा, यह तय करने के लिए छह दक्षिण एशियाई देशों के विशेषज्ञ भारतीय वन सर्वे में जुटे।
सोमवार को भारतीय वन सर्वे मुख्यालय में कार्यशाला का शुभारंभ उत्तराखंड के प्रमुख वन संरक्षक डा. आरबीएस रावत ने किया। भारतीय वन सर्वे के महानिदेशक एके बहल ने बताया कि विश्व वन संपदा का आकलन 1945 से किया जा रहा है। हर पांच साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया में जंगलों की स्थिति पर रिपोर्ट प्रकाशित होती है।
इस दौरान प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट तैयार करने में शामिल किए जाने वाले बिंदुओं पर विमर्श किया। 23 अगस्त तक चलने वाली कार्यशाला में बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के अलावा रोम के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। 21 अगस्त को प्रतिनिधि फील्ड में निकलेंगे।