यह भी सामने आया है कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों पर महंगाई की अधिक मार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 8.10 और शहरी क्षेत्रों में 7.68 है। इसका कारण ये भी माना जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र उपभोक्ता वस्तुओं के मामले में शहरों और परिवहन व्यवस्था पर निर्भर होकर रह गए हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में मानसून के दौरान कीमतों में उछाल आ जाता है।
प्रदर्शनों तक सीमित महंगाई का मुद्दा
महंगाई का मसला प्रदेेश में एक-दो विरोध प्रदर्शनों तक ही सीमित होकर रह जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड काल में लिया गया सबक इस महंगाई को काबू करने के काम आ सकता है। इस दौर में लोकल के लिए वोकल होने की बात की जा रही है। स्थानीय स्तर पर जरूरतें पूरी होने लगें तो महंगाई पर काबू पाया जा सकता है।
राज्य दर
असम - 9.52
पश्चिम बंगाल - 9.44
उड़ीसा - 8.17
तेलंगाना - 8.38
उत्तराखंड - 7.93
उत्तर प्रदेश - 7.03
हिमाचल - 4.18
दिल्ली - 3.58