प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर कोविड संक्रमण से पहले ही प्रभाव पड़ना शुरू हो गया था। मार्च में लॉकडाउन शुरू हुआ था और जनवरी फरवरी में कर्मचारियों की नाराजगी के चलते हड़ताल आदि के कारण प्रभावित हुआ।
प्रदेश की विकास दर
2016-17 9.83
2017-18 7.84
2018-19 6.87
2019-20 विकास दर का अनुमान जारी नहीं किया गया।
2018-19 में जीडीपी 1.97 लाख करोड़ रुपये
होटल, व्यापार, जलपान गृह मेें थी तेज बढ़त
कोरोना काल से पहले और 2012 के आधार वर्ष के हिसाब से व्यापार, होटल, जलपान गृह आदि में 11.30 की वृद्धि दर थी। इसमें मूल्य मेें वृद्धि करीब 24 हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी। कोरोना काल में यह सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। लिहाजा प्रदेश की विकास दर पर भी इसका प्रभाव पड़ा।
अब अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के भी संकेत
अनलॉक-4 में अब प्रदेश सरकार को करों में करीब 700 करोड़ रुपये की वापसी भी हो रही है। इससे अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के संकेत भी मिल रहे हैं। आगे आने वाले समय में उद्योग धंधों, निर्माण आदि में तेजी पर निर्भर करेगा कि विकास दर कहां तक पहुंच पाएगी।