उत्तराखंड में जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 शुरू हो जाएगा। इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली ने बैठक कर प्रदेशभर के लिए नोडल अधिकारियों का चयन कर लिया है।
खास बात यह है कि प्रदेशभर में स्वच्छता सर्वेक्षण की समीक्षा खुद सचिव के स्तर से हर 15 दिन में की जाएगी। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण जनवरी से मार्च तक चलेगा। अप्रैल में इसके नतीजे जारी किए जाएंगे। सर्वेक्षण में हर शहर की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली के मुताबिक, स्वच्छता सर्वेक्षण के सभी मानकों पर खरा उतरने के लिए सभी निगम, पालिका को निर्देशित कर दिया गया है। नोडल अधिकारियों का चयन कर लिया गया है। पिछले वर्षों की कमियों को दूर करते हुए इस बार आगे कदम बढ़ाने की कवायद की जा रही है। घर-घर कूड़ा कलेक्शन से लेकर सभी पहलुओं पर जोर दिया जा रहा है।
2020 में मिले थे तीन राष्ट्रीय पुरस्कार
स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में प्रदेश के शहरी निकायों का प्रदर्शन शानदार रहा था। घोषित पुरस्कारों में उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट में तीसरा स्थान मिला था। वहीं, एक लाख से कम आबादी वाले निकायों की श्रेणी में नगर पंचायत नंद प्रयाग ने सिटीजन फीड बैक श्रेणी में देश में पहला और अल्मोड़ा कैंट बोर्ड ने तीसरा पुरस्कार प्राप्त किया था।