फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सक्लूसिव: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सर्वे पूरा, अब ड्रोन कैमरों से होगी हिम तेंदुओं की गिनती

Wed, 30 Dec 2020 01:48 AM IST
अलका त्यागी निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • उच्च हिमालयी क्षेत्रों में गश्त के साथ सर्वे पूरा, बेस कैंप लौट रही टीमें बर्फबारी में फंसी
विज्ञापन
snow leopard - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के पंडित गोविंद बल्लभ पंत वन्य जीव एवं राष्ट्रीय पार्क के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिम तेंदुओं की गिनती का गश्त के साथ सर्वे पूरा हो गया। सर्वे में हिम तेंदुए तो नहीं दिखे, लेकिन उनके फुट प्रिंट और मल मिला है।

विज्ञापन


सर्वे टीमें वापस बेस कैंप पहुंचने से पहले ही बर्फबारी में फंस गई हैं। हिम तेंदुओं की मौजूदगी का पता लगाने के लिए वन विभाग अब ड्रोन कैमरों की मदद लेगा। तेंदुओं को ट्रैप करने के लिए हाई क्वालिटी के कैमरे भी लगाए जाएंगे। 

यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में यहां मिले हिम तेंदुओं की मौजूदगी के पुख्ता सबूत
विज्ञापन


उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिम तेंदुओं की मौजूदगी है। इनमें उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र रुपिन, सुपिन और सांकरी रेंज भी शामिल हैं। वन विभाग ने पहली बार हिम तेंदुओं की गिनती के लिए दो नवंबर से सर्वे शुरू किया।

तीनों रेंज में आठ ग्रिड बनाकर 80 लोगों की टीम लगाई गई थी। 25 दिसंबर को सर्वे पूरा हो चुका है। दिसंबर पहले सप्ताह ही टीमों को रुपिन और सांकरी में हिम तेंदुओं के फुट प्रिंट और मल मिला।

विज्ञापन

टीमें अभी बेस कैंप नहीं पहुंच सकी हैं

मल को डीएनए टेस्ट के लिए देहरादून स्थित भारतीय वन्य जीव अनुसंधान संस्थान भेजा जा चुका है। टीमें अभी बेस कैंप नहीं पहुंच सकी हैं। बर्फबारी होने से उच्च हिमालयी क्षेेेत्रों में फंसी हैं, लेकिन सुरक्षित हैं। टीमों में वाइल्ड लाइफ विंग, सिक्योर हिमालय एनजीओ, भारतीय वन्य जीव अनुसंधान संस्थान, भेड़ पालक हैं।

पार्क के उप निदेशक कोमल सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने हिम तेंदुओं की ड्रोन कैमरे से गणना कराए जाने की अनुमति दे दी है। जल्द ही ड्रोन से रुपिन, सुपिन और सांकरी रेंज में हिम तेंदुओं की गणना की जाएगी। उप निदेशक के मुताबिक तेंदुओं को ट्रैप करने के लिए हाई क्वालिटी के कैैमरे भी लगाए जाएंगे। 

हिम तेंदुओं के फुटप्रिंट और मल मिलने से उनकी मौजूदगी के पुख्ता सबूत मिल चुके हैं। हालांकि, टीमों को तेंदुए नहीं दिखे। पार्क के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अब ड्रोन कैमरे से उनकी गणना की जाएगी। 
- कोमल सिंह, उप निदेशक पार्क
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें