इसलिए किया गया पलायन आयोग का गठन
पलायन का दंश झेल रहे उत्तराखंड में वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद पलायन के कारणों और इसकी रोकथाम के लिए सुझाव देने के लिए ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत पलायन आयोग का गठन किया गया। बाद में इसका नाम बदलकर पलायन निवारण आयोग कर दिया गया। आयोग अब तक प्रदेश के 11 जिलों की रिपोर्ट सरकार को सौंप चुका है। पलायन के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार प्रमुख कारण अब तक सामने आए हैं।
हरिद्वार जिले की रिपोर्ट को प्रकाशन के लिए भेज दिया गया है। सर्वे में पलायन की स्थिति सामने आई है। विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद ही सामने आ पाएगी। वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले में इन दिनों सर्वे किया जा रहा है। अगले छह माह में अंतिम जिले की रिपोर्ट भी सरकार को सौंप दी जाएगी।
- डॉ. एसएस नेगी, उपाध्यक्ष, पलायन निवारण आयोग