देहरादून जिले में राज्य दिव्यांग पुरस्कार के लिए आवेदनों का टोटा हो रहा है। कोरोना संक्रमण के डर से दिव्यांग समाज कल्याण कार्यालय में आवेदन करने ही नहीं पहुंचे। विभाग को जिले से महज तीन आवेदन ही मिल सके हैं, जिन्हें अब राज्य स्तरीय समिति को भेजा जा रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से तीन दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस पर प्रतिभावान दिव्यांगों को कई श्रेणियों में राज्य दिव्यांग पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों से आवेदन मांगे गए थे। 10 सितंबर को जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आवेदन करने के लिए पत्र जारी किया गया था। आवेदन की अंतिम तारीख 25 सितंबर तय की गई थी।
विभाग ने दिव्यांग संगठनों के जरिये योग्य प्रतिभावान दिव्यांगों को आवेदन करने के लिए प्रेरित भी किया, लेकिन विभाग कार्यालय में इक्का-दुक्का दिव्यांग ही पहुंचे। हालांकि, अब विभाग 30 सितंबर से पहले तक आने वाले आवेदनों को भी स्वीकार करेगा ताकि कोई वंचित न रहे।
उधर दिव्यांग संगठनों के सदस्यों का कहना है कि कालसी, चकराता जैसे दुर्गम ब्लॉकों में रहने वाले दिव्यांग इस पुरस्कार के लिए आवेदन करते हैं लेकिन कोरोना की वजह से वाहन सीमित संख्या में चल रहे हैं। जो वाहन चल रहे हैं, उन्हें भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।
इसलिए भी दिव्यांग अपने स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं करना चाहते। वहीं, कुछ दिव्यांगों का यह भी कहना है कि विभाग ने ज्यादा प्रचार नहीं किया। इसी वजह से ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर जैसे नजदीकी शहरों से भी आवेदन नहीं आ सके।
25 सितंबर आवेदन की अंतिम तारीख थी। अभी चुनिंदा आवेदन ही हो पाए हैं। कोई दिव्यांग आवेदन से वंचित न रहे, इसलिए 30 सितंबर से पहले तक प्राप्त होने वाले आवेदनों को भी राज्य स्तरीय समिति को भेज दिया जाएगा।
- मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी