शुक्रवार को गांधी शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को एचआईवी जांच के लिए राजकीय जिला अस्पताल के कोरोनेशन परिसर भेजा। जब गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन कोरोनेशन अस्पताल पहुंचे तो वहां बताया गया कि यहां पर एचआईवी जांच की किट खत्म हो चुकी है। इसलिए यहां जांच नहीं हो सकती। गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन फिर गांधी शताब्दी अस्पताल पहुंचे। जहां से उन्हें दून अस्पताल भेजा गया। दून अस्पताल में स्टाफ कम होने की वजह से उनको लंबी लाइन में लगना पड़ा। कई महिलाओं की एचआईवी जांच भी नहीं हो पाई। इसके चलते उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
एचआईवी से संबंधित जांच के लिए स्टाफ को दून अस्पताल से गांधी अस्पताल में शिफ्ट होना था, लेकिन अभी अस्पताल में जगह का अभाव होने की वजह से एचआईवी जांच नहीं की जा रही है। इसके लिए शीघ्र व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. मनोज उप्रेती, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय जिला अस्पताल
अगर जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच नहीं हो पा रही है तो यह मामला गंभीर है। इसे मैं अपने स्तर से खुद दिखवाउंगा। साथ ही इसके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है, तत्काल हर संभव प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही इस बारे में संबंधित अस्पतालों और अधिकारियों को सख्त दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
- डॉ. अनूप कुमार डिमरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून