मातृसदन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कुंभ कार्यों को लेकर सरकार और मेला प्रशासन पर कई आरोप जड़े हैं। उन्होंने कहा है कि निर्माण कार्यों में बड़ी अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
जगजीतपुर स्थित मातृसदन आश्रम में परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत दिव्य और भव्य कुंभ की बात कह रहे हैं, दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण का हवाला दिया जा रहा है। जिससे साफ है कि सरकार की मंशा कुंभ न कराकर केेवल कुंभ के नाम पर करोड़ों की बंदरबांट करना है।
उन्होंने कहा कि कुंभ कार्यों में केवल लीपापोती की जा रही है। बैरागी कैंप से नीलधारा तक जाने में सबसे पहले पड़ने वाली गंगा की धारा को भी सूखा दिया गया है, जिससे यहां कोई अस्थायी पुल का निर्माण नहीं किया गया है, जबकि यहां पिछले कुंभ में अस्थायी पुल बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि गंगा को यहां सूखा दिए जाने से बैरागी कैंप क्षेत्र के लोग भी स्नान नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, इस बार अस्थायी पुल न बनाना बड़ी लापरवाही साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनके आश्रम में बनाए गए पुल की रेलिंग के पोलों पर कैप भी नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण में उनकी बाजारी मूल्य के हिसाब से एक करोड़ 62 लाख रुपये की जमीन बिना उनकी अनुमति के ले ली गई है। जिसके बारे में प्रशासन को बार-बार पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।