मनरेगा योजना में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को भी ईपीएफ का लाभ देने की योजना है। साथ ही योजना में कार्यरत 15 हजार रुपये से ज्यादा मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को भी इसका लाभ देने की तैयारी है।
ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त मनोज कुमार यादव ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग ने इसकी इच्छा जाहिर की है। बता दें कि अभी अधिकतम 15 हजार की मासिक आय वाले कर्मचारियों को ही ईपीएफ का लाभ देना अनिवार्य है।
साढ़े 5 करोड़ का बजट हो रहा लैप्स
ईपीएफओ के अनुसार, ग्राम्य विकास ने पत्र में जिक्र किया है कि मनरेगा में हर साल करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये का बजट लैप्स हो रहा है। इस राशि को ईपीएफ में समायोजित करने की योजना है।
ईपीएफओ पीआरडी जवानों व होमगार्डों को भी ईपीएफ का लाभ देना चाहता है। इसके लिए संबंधित विभागों से संपर्क भी साधा गया है। लेकिन, विभाग कई बार सकारात्मक रुख नहीं दिखाते। इसलिए योजना परवान नहीं चढ़ पाती। इसके लिए सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने की जरूरत भी बताई गई, ताकि सभी विभाग कर्मियों को लाभ देने को बाध्य हो सकें।
ग्राम्य विकास सचिव द्वारा मनरेगा श्रमिकों को ईपीएफ का लाभ देने के लिए पत्र भेजा गया था। अंतिम मंजूरी शासन स्तर से ही मिलनी है। अभी तक यूपी, बिहार व अन्य राज्यों में मनरेगा श्रमिकों को ईपीएफ का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में भी इस दिशा में पहल करना अच्छा कदम है। इसके अलावा हम होमगार्ड व पीआरडी जवानों को भी ईपीएफ से जोड़ना चाहते हैं।
-मनोज कुमार यादव, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफ उत्तराखंड।